एक रूसी भाषी हमलावर ने सैकड़ों AI एजेंटों का उपयोग करके पेपरकट सर्वरों पर वैश्विक हमला किया, जिससे 48 देशों के लगभग 400 संगठन प्रभावित हुए हैं।

  • CVE-2026-81578 और CVE-2026-82078 की खामियों को खोजने और इस्तेमाल करने के लिए सैकड़ों AI एजेंटों का प्रयोग किया गया।
  • 48 देशों के 395 संगठन प्रभावित हुए, जिनमें शिक्षा क्षेत्र के संस्थान सबसे अधिक शिकार हुए।
  • कुछ मामलों में, हमलावरों ने मात्र सात मिनट में पूर्ण डोमेन एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस प्राप्त कर लिया।

साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, संभवतः रूसी भाषी हमलावरों ने AI एजेंटों की एक विशाल सेना का उपयोग करके एक वैश्विक अभियान चलाया है। इस हमले का मुख्य लक्ष्य PaperCut NG/MF सर्वर थे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग हमले की योजना बनाने से लेकर उसे अंजाम देने तक के हर चरण में किया गया।

सुरक्षा फर्म GreyNoise के अनुसार, यह अभियान 31 अगस्त को शुरू हुआ। इसमें OpenAI के Codex और DeepSeek मॉडल के साथ-साथ अन्य आक्रामक टूल्स का समन्वय किया गया था। AI एजेंटों को विशेष रूप से CVE-2026-81578 और CVE-2026-82078 जैसी सुरक्षा खामियों के लिए एक्सप्लॉइट (exploit) विकसित करने और उन्हें रिफाइन करने का काम सौंपा गया था। लक्ष्यों की पहचान के लिए Netlas इंटरनेट स्कैनिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया।

यह महत्वपूर्ण क्यों है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि हम अब 'हाइपर-ऑटोमेटेड वॉरफेयर' के युग में प्रवेश कर चुके हैं। इस हमले की गति अभूतपूर्व है। जहां पारंपरिक हैकिंग में हर लक्ष्य के लिए मैन्युअल प्रयास की आवश्यकता होती थी, वहीं AI एजेंटों ने इसे समानांतर (parallel) स्तर पर संभव बना दिया है। मात्र 26 सेकंड में 11 संगठनों का समझौता यह दर्शाता है कि अब मानवीय प्रतिक्रिया समय (response time) पर्याप्त नहीं है।

प्रारंभिक एक्सेस से लेकर पूर्ण डोमेन एडमिनिस्ट्रेटर बनने तक का समय घटकर सात मिनट रह जाना यह साबित करता है कि AI ने सुरक्षा प्रणालियों के बीच के 'ड्वेल टाइम' को लगभग खत्म कर दिया है।

नुकसान का पैमाना काफी बड़ा है। 440 प्रभावित पेपरकट इंस्टेंस में से, हमलावरों ने 280 पीड़ितों के क्रेडेंशियल्स चोरी किए और 147 से डोमेन सीक्रेट्स प्राप्त किए। सबसे अधिक लक्ष्य संयुक्त राज्य अमेरिका में थे, उसके बाद यूके, फ्रांस, स्पेन और कनाडा का नंबर आता है। दिलचस्प बात यह है कि हमलावर ने AI को रूस, चीन और ईरान जैसे देशों को छोड़ने का निर्देश दिया था, हालांकि AI ने हमेशा इन नियमों का पालन नहीं किया।

तकनीकी रूप से, हमलावरों ने LSASS मेमोरी डंपिंग और 'पास-द-हैश' (pass-the-hash) जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया। उनके टूलकिट में Mimikatz, BloodHound और Impacket जैसे प्रसिद्ध टूल्स के साथ-साथ क्रेडेंशियल चोरी के लिए कस्टम रस्ट (Rust) यूटिलिटीज भी शामिल थीं।

पैरामीटर पारंपरिक हमला AI-संचालित हमला (PaperCut)
लक्ष्य की खोज मैन्युअल स्कैनिंग AI-आधारित Netlas इंटीग्रेशन
एक्सप्लॉइट विकास दिनों या हफ्तों का शोध 4 घंटे से कम (AI द्वारा)
हमले की गति क्रमिक (Sequential) समानांतर (26 सेकंड में 11 संस्थाएं)
क्या आप जानते हैं?: 'पास-द-हैश' तकनीक हमलावरों को बिना वास्तविक पासवर्ड जाने, केवल पासवर्ड के 'हैश' का उपयोग करके सर्वर में प्रवेश करने की अनुमति देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: कौन से संगठन सबसे अधिक जोखिम में हैं?
उत्तर: वे संगठन जो PaperCut NG/MF सर्वर का उपयोग कर रहे हैं, विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र के संस्थान, यदि उन्होंने नवीनतम सुरक्षा पैच अपडेट नहीं किए हैं।

प्रश्न: एडमिनिस्ट्रेटर अपने सिस्टम को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?
उत्तर: तुरंत CVE-2026-81578 और CVE-2026-82078 के लिए आपातकालीन सुरक्षा अपडेट लागू करें और डोमेन एडमिन खातों की जांच करें।