Clearview AI 'InquiryIQ' नामक एक प्रोटोटाइप AI एनालिस्ट का परीक्षण कर रहा है, जो व्यक्तियों की विस्तृत प्रोफाइल बनाने के लिए वेब को ऑटोमेटेड तरीके से स्कैन करता है। इस टूल में एलोन मस्क की xAI कंपनी के मॉडल का उपयोग किया गया है।
- Clearview AI 'InquiryIQ' का प्रोटोटाइप बना रहा है, जो डिजिटल जांच को ऑटोमेट करता है।
- यह टूल सोशल अकाउंट्स, नियोक्ताओं और सहयोगियों की पहचान करने में सक्षम है।
- परीक्षण के दौरान एलोन मस्क की xAI (Grok निर्माता) के मॉडल्स का उपयोग किया गया।
- कंपनी का दावा है कि यह केवल एक आंतरिक प्रोटोटाइप है और ग्राहकों को नहीं दिया गया है।
चेहरा पहचानने वाली विवादित फर्म Clearview AI, जो इंटरनेट से अरबों तस्वीरें चुराने के लिए कुख्यात है, अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। एक नए खुलासे से पता चला है कि कंपनी InquiryIQ नामक एक प्रयोगात्मक AI "एनालिस्ट असिस्टेंट" का परीक्षण कर रही है। यह टूल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को केवल चेहरा पहचानने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि वह व्यक्ति कौन है, उसके दोस्त कौन हैं और वह कहां रहता है।
विश्लेषण किए गए कोड के अनुसार, InquiryIQ एक शुरुआती सुराग को लेकर पूरे वेब पर फैल जाता है। यह स्वचालित रूप से वेबपेज खोलता है, छवियों का विश्लेषण करता है और एक विस्तृत प्रोफाइल तैयार करता है जिसमें व्यक्ति के संभावित नियोक्ता, उपनाम और शारीरिक विशेषताओं की जानकारी होती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सिस्टम आयु, लिंग और जाति जैसी जानकारी मांगता है ताकि खोज के दौरान "बेहतर निर्णय" लिए जा सकें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह "पहचान" से "स्वचालित प्रोफाइलिंग" की ओर एक बड़ा बदलाव है। पहले Clearview केवल सुराग देता था, जिसे इंसानी जासूसों को खोजना पड़ता था, लेकिन InquiryIQ अब पूरी जांच खुद करने की कोशिश कर रहा है। इससे "फिशिंग एक्सपीडिशन" (बिना ठोस सबूत के लोगों की जासूसी) का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि अब किसी की भी पूरी डिजिटल लाइफ खंगालना बेहद सस्ता और आसान हो गया है।
तकनीकी रूप से, Clearview ने xAI (एलोन मस्क की कंपनी) के मॉडल्स का परीक्षण किया है। चूंकि Grok जैसे AI मॉडल्स पहले भी नस्लवादी और चरमपंथी सामग्री के लिए विवादों में रहे हैं, इसलिए पुलिस टूल्स में इनका उपयोग मानवाधिकारों और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हफ्तों की जासूसी को मिनटों में बदल देना निगरानी की एक खतरनाक प्रवृत्ति है, जो न्यायिक निरीक्षण की आवश्यकता को खत्म कर सकती है।
Clearview के CEO एमोस काइलर ने इस बात का खंडन किया है कि InquiryIQ एक स्वचालित जांचकर्ता है। उन्होंने इसे केवल एक सीमित टूल बताया जो उन खोजों को आसान बनाता है जो जासूस पहले से ही कर रहे हैं। काइलर का कहना है कि यह केवल एक प्रोटोटाइप है और किसी भी कानून प्रवर्तन एजेंसी ने इसका उपयोग नहीं किया है।
ऐतिहासिक रूप से, Clearview हमेशा विवादों में रहा है। 2017 में पीटर थिएल के निवेश से शुरू हुई इस कंपनी ने 2020 में फेसबुक और यूट्यूब जैसी साइटों से 3 अरब तस्वीरें चुराई थीं। आज यह डेटाबेस बढ़कर 70 अरब तस्वीरों तक पहुंच गया है और अमेरिका की 2,000 से अधिक पुलिस एजेंसियां इसका उपयोग कर रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्या InquiryIQ वर्तमान में पुलिस के लिए उपलब्ध है?
उत्तर: नहीं, Clearview AI का कहना है कि यह एक प्रयोगात्मक प्रोटोटाइप है और इसे अभी तक किसी ग्राहक को जारी नहीं किया गया है।
प्रश्न: InquiryIQ सामान्य फेस रिकग्निशन से कैसे अलग है?
उत्तर: फेस रिकग्निशन केवल चेहरा पहचानता है, जबकि InquiryIQ AI का उपयोग करके उस व्यक्ति के सोशल कनेक्शन, नौकरी और अन्य ऑनलाइन विवरणों को स्वचालित रूप से खोजता है।