सोगू इनपुट मेथड में पाई गई गंभीर सुरक्षा खामी ने चीनी साइबर अपराधियों को एक ही क्लिक में रिमोट कोड चलाने की सुविधा दी। यह CVE‑2026‑51990, तीन कमजोरियों के जटिल चेन से बना है, जिसे UNC3569 ने ग्रेरैबिट बैकडोर तैनात करने के लिए इस्तेमाल किया।
- सोगू IME की CVE‑2026‑51990 ने एक-क्लिक रिमोट कोड निष्पादन संभव बनाया।
- हैकर्स ने ग्रेरैबिट बैकडोर के जरिए सिस्टम‑स्तरीय नियंत्रण प्राप्त किया।
- सुधार के बावजूद, पुराना Chromium इंजन और अनसैंडबॉक्स्ड कॉन्फ़िगरेशन अभी भी खतरा पैदा करते हैं।
सोगू इनपुट मेथड, जिसे टेनसेंट द्वारा विकसित किया गया है, विंडोज़ पर सबसे अधिक प्रयोग होने वाले चीनी भाषा के इनपुट मेथड एडिटर्स (IME) में से एक है। 4.5 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ, यह सॉफ्टवेयर एक कस्टम प्रोटोकॉल sgbiz के माध्यम से संचार करता है। जब किसी URL को खोला जाता है, तो biz_helper.exe उसे पार्स करता है और उपयुक्त कंपोनेंट को निर्देश भेजता है।
इस प्रोटोकॉल हैंडलर में तीन गंभीर सुरक्षा खामियाँ पाई गईं, जिन्हें CVE‑2026‑51990 के रूप में ट्रैक किया गया। पहली कमजोरी param पैरामीटर के बिना वैलिडेशन के कारण कमांड‑लाइन इंजेक्शन की अनुमति देती है, जिससे हमलावर URL में ‘skincenter’ पेज को निर्दिष्ट कर सकते हैं। दूसरी, एक पुराना Chromium 80 आधारित ब्राउज़र (3 मार्च 2020 का संस्करण) जो छह साल के पैच से वंचित है, सैंडबॉक्स और same-origin पॉलिसी को बंद कर देता है, और स्थानीय फ़ाइलों तक अनियंत्रित पहुँच देता है।
इन कमजोरियों को चेन करके, चीन से जुड़े थ्रेट ग्रुप UNC3569 ने लक्षित उपयोगकर्ताओं को सोगू के सैटेलाइट लिंक भेजे। एक बार क्लिक करने पर, हमलावर को सिस्टम‑लेवल कोड निष्पादन और ग्रेरैबिट बैकडोर की स्थापना का मौका मिला। ग्रेरैबिट, 2021 से सक्रिय, रिवर्स शेल, फ़ाइल अपलोड, सिस्टम जानकारी संग्रह और स्वयं को समाप्त करने जैसी क्षमताएँ रखता है।
Gen Threat Labs ने 9 अप्रैल को इस CVE को टेनसेंट को रिपोर्ट किया। टेनसेंट ने संस्करण 16.3.0.3498 में URL स्विचेस की जाँच जोड़कर फिक्स किया, परंतु Chromium कॉन्फ़िगरेशन अपरिवर्तित रहा। 10 सितंबर तक, सॉफ्टवेयर की नवीनतम अपडेट अभी भी समान सुरक्षा जोखिमों को संबोधित नहीं करती।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, सोगू IME की व्यापक पहुँच और इसकी विंडोज़ इकोसिस्टम में गहरी एकीकरण इसे एक आकर्षक लक्ष्य बनाती है। एक ही क्लिक से रिमोट कोड निष्पादन के इस स्तर को देखते हुए, यह घटना वैश्विक साइबर सुरक्षा परिदृश्य में राष्ट्र-राज्य स्तर के हमलों के बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है।
"यह घटना दर्शाती है कि पुरानी सॉफ्टवेयर कॉन्फ़िगरेशन और अनसैंडबॉक्स्ड ब्राउज़रों से कितना बड़ा जोखिम उत्पन्न हो सकता है।"
Frequently Asked Questions
Q1: क्या सोगू IME का नवीनतम संस्करण इस कमजोरी को पूरी तरह ठीक करता है?
A1: हाँ, संस्करण 16.3.0.3498 ने URL स्विचेस की जाँच जोड़ी है, परंतु Chromium कॉन्फ़िगरेशन अभी भी जोखिम में है।
Q2: क्या अन्य प्लेटफ़ॉर्म या ऑपरेटिंग सिस्टम इस CVE से प्रभावित हैं?
A2: यह विशेष रूप से विंडोज़ के लिए है क्योंकि सोगू IME केवल इस प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है।