मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय ने 1,200 से अधिक पीड़ितों को निशाना बनाने वाली 12 अवैध डीपफेक वेबसाइटों को जब्त कर लिया है। इसमें मशहूर हस्तियों और राजनेताओं के गैर-सहमति वाले आपत्तिजनक वीडियो शामिल थे।

  • मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय ने 12 अवैध डीपफेक डोमेन जब्त किए।
  • लगभग 1,200 महिलाओं और सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बनाया गया था।
  • यह डीपफेक तकनीक के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाइयों में से एक है।

न्यूयॉर्क के मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 12 ऐसी वेबसाइटों को जब्त कर लिया है, जो सेलिब्रिटी डीपफेक वीडियो को अवैध रूप से साझा करने, प्रकाशित करने और बेचने का काम कर रही थीं। यह कार्रवाई उस 'डार्क इंडस्ट्री' पर प्रहार है जो पिछले एक दशक से महिलाओं की गोपनीयता का उल्लंघन कर रही है।

जिला अटॉर्नी अल्विन ब्रैग ने एक बयान में कहा कि ये भयानक गोपनीयता उल्लंघन पीड़ितों के करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। जांच में पाया गया कि इन वेबसाइटों पर लगभग 1,200 लोगों, जिनमें मुख्य रूप से महिलाएं शामिल थीं, के गैर-सहमति वाले यौन वीडियो और चित्र मौजूद थे। इन पीड़ितों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, अभिनेत्री, एथलीट, संगीतकार और राजनेता शामिल हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उन्नत हो रहा है, डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग करना आसान होता जा रहा है। यह मामला केवल सेलिब्रिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे तकनीक का उपयोग व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है। यह कार्रवाई भविष्य के कानूनी मिसालों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।

ये गोपनीयता के भयानक उल्लंघन पीड़ितों के करियर और व्यक्तिगत जीवन में पीछा करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है। - अल्विन ब्रैग

ऐतिहासिक रूप से, डीपफेक तकनीक 2017 के अंत में उभरी थी। तब से, महिलाओं की तस्वीरों को 'नग्न' करने या उनके चेहरे को आपत्तिजनक वीडियो में बदलने वाले ऐप्स और बॉट्स का एक काला बाजार विकसित हुआ है। हालांकि कानून धीरे-धीरे विकसित हो रहे हैं, लेकिन अमेरिकी 'टेक इट डाउन एक्ट' अब कानून प्रवर्तन अधिकारियों को ऐसी वेबसाइटों को जब्त करने की शक्ति देता है।

इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग (ISD) की शोधकर्ता लियोनी ओहमिग के अनुसार, ये जब्ती सिंथेटिक गैर-सहमति वाली अंतरंग छवियों (NCII) के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी जीत है। उन्होंने नोट किया कि यह कार्रवाई दिखाती है कि समन्वित प्रवर्तन के माध्यम से ऐसे हानिकारक कंटेंट को नियंत्रित किया जा सकता है।

Did You Know?: डीपफेक तकनीक का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक दुष्प्रचार और साइबर अपराध के लिए भी किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. डीपफेक वेबसाइटों को जब्त क्यों किया गया?
इन्हें सेलिब्रिटी और सार्वजनिक हस्तियों के गैर-सहमति वाले आपत्तिजनक वीडियो अवैध रूप से बेचने और प्रसारित करने के लिए जब्त किया गया था।

2. क्या इस कार्रवाई से भविष्य में सुरक्षा बढ़ेगी?
हाँ, यह कार्रवाई डिजिटल गोपनीयता के उल्लंघनकर्ताओं के लिए एक कड़ा संदेश है और कानून प्रवर्तन की क्षमता को मजबूत करती है।