सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए 60 नवीनतम ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने का सौदा किया, जिसकी कुल लागत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये होगी। यह कदम देश की रणनीतिक एयरोस्पेस क्षमता को बड़ी मजबूती देगा।

Key Takeaways

  • 60 नई ट्रांसपोर्ट विमान खरीदे जाएंगे
  • डील की कीमत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये
  • विमानों की डिलीवरी 2027 तक पूरी होगी

भारतीय वायुसेना ने अपने लॉजिस्टिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए 60 आधुनिक ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग एक लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिससे यह भारत के इतिहास में सबसे बड़े रक्षा अनुबंधों में से एक बनता है।

इन विमानों को विभिन्न भारतीय घरेलू निर्माताओं के सहयोग से निर्मित किया जाएगा, जिससे भारत की रक्षा औद्योगिक आधारभूत संरचना को भी बढ़ावा मिलेगा। प्राथमिक डिलीवरी 2025 में शुरू होने की उम्मीद है, और पूरी डिलीवरी 2027 तक पूरी हो जाएगी।

Historical Background

पिछले दो दशकों में भारत ने कई बड़े विमान अधिग्रहण किए हैं, जैसे कि C‑17 ग्लोबल हॉगर और एरबस A‑400M के साथ रणनीतिक एयरोस्पेस क्षमता को बढ़ाया गया। यह नया अनुबंध उन मौजूदा क्षमताओं को और आगे बढ़ाकर, भारी सैन्य लोजिस्टिक संचालन को तेज करेगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this massive procurement not only enhances rapid troop movement but also signals India's intent to become a regional airlift hub, reducing reliance on foreign charter services.

"यह सौदा भारत की स्वायत्त रक्षा उद्योग की दिशा में एक निर्णायक कदम है," विशेषज्ञ ने कहा।
Did You Know?: भारत ने 2020 में पहली बार अपने घरेलू निर्माताओं को बड़े पैमाने पर विमान निर्माण का काम सौंपा था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इन ट्रांसपोर्ट विमानों का मुख्य उपयोग क्या होगा?

उत्तर: रणनीतिक लॉजिस्टिक, मानवतावादी राहत मिशन और तेज़ी से सैनिकों एवं उपकरणों की आवाजाही।

प्रश्न 2: डील में किन कंपनियों को शामिल किया गया है?

उत्तर: प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस कंपनियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय OEMs का सहयोग तय किया गया है, लेकिन नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए।