पालम में हुई दर्दनाक आग की घटना के बाद, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) अपनी बचाव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई हाई-रीच स्काईलिफ्ट खरीदने जा रही है। विभाग ने 40, 70 और 90 मीटर की विभिन्न श्रेणियों के लिए बोलियां फाइनल कर ली हैं।
मुख्य बातें
- दिल्ली अग्निशमन सेवा 31 अगस्त तक नई स्काईलिफ्ट के लिए ऑर्डर देगी।
- नई मशीनों की ऊंचाई 40 मीटर से लेकर 90 मीटर तक होगी।
- पालम अग्निकांड में तकनीकी खराबी और प्रशिक्षण की कमी के कारण नौ लोगों की जान गई थी।
- DFS की कुल मैनपावर को 13,500 पदों तक बढ़ाने की मंजूरी मिल चुकी है।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम में हुई भीषण आग, जिसमें एक ही परिवार के नौ सदस्यों की जान चली गई थी, के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का बड़ा निर्णय लिया है। विभाग ने नई हाई-रीच रेस्क्यू लैडर (स्काईलिफ्ट) खरीदने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है।
विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, 40-मीटर, 70-मीटर और 90-मीटर क्षमता वाली विभिन्न श्रेणियों के लिए बोलियां (bids) फाइनल कर ली गई हैं। विभाग 31 अगस्त से पहले ऑर्डर देने की योजना बना रहा है, और उम्मीद है कि ऑर्डर देने के 14-16 महीनों के भीतर ये मशीनें दिल्ली पहुँच जाएंगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पालम की घटना ने दिल्ली के अग्निशमन ढांचे की गंभीर खामियों को उजागर किया था। मार्च में हुई उस घटना के दौरान, एक ब्रोंटो स्काईलिफ्ट बिजली के तारों और बैनरों में फंस गई थी, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। इसके परिणामस्वरूप, ऊंचे मंजिलों पर फंसे लोगों को बचाने के लिए केवल मैन्युअल सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा, जो पर्याप्त नहीं थीं।
तकनीकी विफलता और प्रशिक्षण का अभाव अक्सर आपदा के समय जानलेवा साबित होता है।
जांच में यह भी सामने आया कि स्काईलिफ्ट चलाने वाले कर्मियों को ऑथोराइज्ड डीलर से औपचारिक प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसके अलावा, दिल्ली की तंग गलियों में भारी मशीनों के संचालन के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है, जिसकी कमी महसूस की गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली में अग्निकांड की घटनाएं अक्सर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली के लटकते तारों और संकरी गलियों के कारण और भी घातक हो जाती हैं। पालम की घटना ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का ध्यान भी खींचा था, जिसने बचाव कार्यों में देरी पर संज्ञान लिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. नई स्काईलिफ्ट कब तक उपलब्ध होंगी?
अधिकारियों के अनुसार, ऑर्डर देने के लगभग 14 से 16 महीने बाद इनका वितरण होने की उम्मीद है।
2. पालम हादसे में मुख्य समस्या क्या थी?
मुख्य समस्या स्काईलिफ्ट का बिजली के तारों में फंसना और कर्मियों के पास पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी थी।