ओडिशा के 20 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। महानदी नदी प्रणाली में मध्यम स्तर की बाढ़ की आशंका है क्योंकि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश हुई है।
मुख्य बातें
- ओडिशा के 20 जिलों में 7 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
- जुलाई में सामान्य से 96.7% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
- भद्राक जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित है, जहाँ 4 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
- राज्य में 136 बचाव दल तैनात किए गए हैं।
ओडिशा में एक गहरे अवसाद (Deep Depression) के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। 28 जुलाई 2026 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने मौसम तंत्र के कारण राज्य के 20 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ आ गई है, जिससे 7 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
बारिश का भयावह आंकड़ा
विशेष राहत आयुक्त के कार्यालय के अनुसार, 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक राज्य में कुल वर्षा 644.1 मिमी दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत 327.4 मिमी से लगभग 96.7% अधिक है। नुआपाड़ा जिले के सिनापाली ब्लॉक में सर्वाधिक 164 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रभावित क्षेत्र और राहत कार्य
भद्राक जिला वर्तमान में सबसे अधिक संकट में है, जहाँ 4 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सरकार ने यहाँ 1 लाख से अधिक लोगों को आश्रय देने के लिए 234 राहत शिविर खोले हैं। इसके बाद बालासोर और जाजपुर जिले का नंबर आता है।
महानदी नदी प्रणाली में मध्यम स्तर की बाढ़ की प्रबल संभावना है क्योंकि इसके ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश हुई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अत्यधिक वर्षा और बांधों के टूटने की खबरों ने आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। मahanadi और ब्राह्मणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि से तटीय इलाकों में मानव जीवन और कृषि को भारी नुकसान होने का खतरा है।
तुलनात्मक स्थिति: सर्वाधिक प्रभावित जिले
| जिला | प्रभावित जनसंख्या (अनुमानित) |
|---|---|
| भद्राक | 4,00,000+ |
| बालासोर | 1,46,504 |
| जाजपुर | 1,37,010 |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ओडिशा में वर्तमान में कितने जिले बाढ़ की चपेट में हैं?
उत्तर: वर्तमान में राज्य के 30 में से 20 जिले बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हैं।
प्रश्न 2: बचाव कार्य के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तर: राज्य में 136 रिस्पांस टीमों को बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है और राहत शिविर खोले गए हैं।