सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2021‑22 में भारत का अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्च जीडीपी का 0.83% तक पहुँचा, जो 2009‑10 के बाद पहली बार 0.8% से ऊपर है। 2023‑24 में निजी उद्योग ने कुल खर्च का 51.8% हिस्सेदारी ली, जिससे यह पहली बार हुआ जब व्यवसायिक क्षेत्र ने सरकार के सभी स्तरों से अधिक योगदान दिया।

मुख्य बिंदु

  • भारत का अनुसंधान खर्च जीडीपी का 0.83% तक पहुँचा
  • 2023‑24 में निजी उद्योग ने 51.8% योगदान दिया
  • पहली बार निजी क्षेत्र ने सरकारी खर्च से अधिक हिस्सा लिया

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने लोकसभा प्रश्न के जवाब में 2025‑26 के अनुसंधान‑विकास आँकड़े जारी किए, जिसमें दिखाया गया कि 2021‑22 में भारत का कुल R&D खर्च 0.83% जीडीपी तक बढ़ा। यह स्तर 2009‑10 के बाद पहली बार 0.8% से ऊपर है।

इन आँकड़ों ने भारत की नवाचार परिदृश्य में एक संरचनात्मक बदलाव उजागर किया। 2021‑22 में निजी उद्योग ने कुल R&D खर्च का 45.5% हिस्सा लिया, जो 2023‑24 में 51.8% तक बढ़ गया – यह पहली बार है जब निजी कंपनियों ने सरकारी खर्च को पीछे छोड़ दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift toward private‑sector funding signals a maturing innovation ecosystem, reducing reliance on inconsistent public budgets and aligning India with global R&D leaders.

"निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी भारत को उच्च‑प्रौद्योगिकी निर्यात और रोजगार सृजन के नए चरण में ले जा सकती है," कहा उद्योग विशेषज्ञ डॉ. अंजलि मेहता ने।

ऐतिहासिक रूप से, भारत ने अपनी विशाल वैज्ञानिक कार्यशक्ति के बावजूद R&D में जीडीपी का कम प्रतिशत खर्च किया है। 2020‑21 में यह घटकर 0.64% तक गिर गया था, जबकि चीन (2.4%), जापान (3.3%), दक्षिण कोरिया (4.8%) और संयुक्त राज्य (3.5%) जैसे देशों ने अधिक निवेश किया है।

देशR&D % of GDP (2023)
भारत0.83%
चीन2.4%
जापान3.3%
दक्षिण कोरिया4.8%
संयुक्त राज्य3.5%
Did You Know?: भारत की निजी कंपनियों ने 2021‑22 में अपने R&D खर्च को लगभग दोगुना करके 88,600 करोड़ रुपये कर दिया।

Frequently Asked Questions

  • क्या निजी क्षेत्र का बढ़ता योगदान सरकारी R&D को कम कर रहा है? नहीं, यह कुल खर्च को बढ़ा रहा है, जिससे दोनों क्षेत्रों का समग्र प्रभाव बढ़ता है।
  • क्या यह वृद्धि निरंतर रहने की उम्मीद है? विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नीति‑अनुकूल माहौल बना रहा तो निजी निवेश में वृद्धि जारी रह सकती है।