भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने सभी बीमा कंपनियों को 'इंडेक्स ऑफ सर्विस प्रोडक्शन' (ISP) के लिए प्रीमियम, क्लेम और निवेश डेटा जमा करने का आदेश दिया है। यह कदम सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) की डेटा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

मुख्य बिंदु

  • IRDAI ने सभी जीवन, सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को मासिक डेटा रिपोर्टिंग का निर्देश दिया है।
  • यह डेटा 'इंडेक्स ऑफ सर्विस प्रोडक्शन' (ISP) तैयार करने के लिए MoSPI को भेजा जाएगा।
  • रिपोर्टिंग में प्रीमियम आय, क्लेम भुगतान और निवेश आय जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल होंगे।
  • डेटा जमा करने की अंतिम तिथि हर महीने की 15 तारीख निर्धारित की गई है।

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी करते हुए सभी बीमा कंपनियों (पुनर्बीमाकर्ताओं को छोड़कर) को निर्देश दिया है कि वे अपने मासिक प्रीमियम, निवेश आय और भुगतान किए गए दावों (claims) का विस्तृत विवरण सरकार को सौंपें। यह कदम केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा तैयार किए जा रहे 'इंडेक्स ऑफ सर्विस प्रोडक्शन' (ISP) की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, भारत में सेवा क्षेत्र सकल मूल्य वर्धित (GVA) में 50% से अधिक का योगदान देता है। ISP, औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपयोग किए जाने वाले IIP (इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन) की तरह काम करेगा, जो सेवा क्षेत्र की वृद्धि का सटीक मापन करेगा।

बीमा क्षेत्र का डेटा सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिशीलता को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।

नए नियमों के अनुसार, जुलाई 2026 से सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम, भुगतान किए गए दावों और पॉलिसीधारकों एवं शेयरधारकों की निवेश आय का विवरण देना होगा। वहीं, जीवन बीमा कंपनियों को सकल प्रीमियम, भुगतान किए गए लाभ और निवेश आय की जानकारी देनी होगी। यह जानकारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के ऑनलाइन टेम्पलेट्स के माध्यम से जमा की जानी चाहिए।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। 2013-14 के बाद से, सेवा क्षेत्र देश के सकल मूल्य वर्धित में 50% से अधिक का योगदान दे रहा है। सरकार ने सेवा क्षेत्र की वृद्धि की निगरानी के लिए एक अल्पकालिक संकेतक की आवश्यकता महसूस की, जिसके परिणामस्वरूप ISP की अवधारणा आई। इसका आधार वर्ष 2024-25 निर्धारित किया गया है।

क्या आप जानते हैं?: ISP को मासिक आधार पर जारी किया जाएगा और यह वर्तमान डेटा के लगभग 60 दिनों के अंतराल के साथ उपलब्ध होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. ISP क्या है?
इंडेक्स ऑफ सर्विस प्रोडक्शन (ISP) एक नया मैक्रो इंडिकेटर है जो सेवा क्षेत्र की वृद्धि में होने वाले अल्पकालिक परिवर्तनों को मापता है।

2. कौन सी कंपनियां इस रिपोर्टिंग के दायरे में नहीं हैं?
इस निर्देश में पुनर्बीमाकर्ताओं (Reinsurers) को छूट दी गई है।