भारत ने अपने एलपीजी आयात में अमेरिकी आपूर्ति को 67% तक बढ़ा दिया है, जो पहले की 60% से काफी अधिक है। यह बदलाव ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया गया है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका अब भारत के एलपीजी आयात का 67% आपूर्ति करता है।
- यह परिवर्तन 10% लक्ष्य से शुरू होकर आज 67% तक पहुँच गया।
- पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले 60% आयात होते थे, जिनमें 90% होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते थे।
एलपीजी आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी में वृद्धि
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हार्दिप सिंह पुरी ने सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में कहा कि अब यूएस लगभग 67% भारत के एलपीजी आयात का स्रोत है। यह 10% लक्ष्य को पार कर एक रणनीतिक कदम दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले भारत का 60% एलपीजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से किया जाता था, जिससे आपूर्ति में बड़ी संवेदनशीलता थी। अब अमेरिकी आपूर्ति से यह जोखिम कम हो गया है।
संकट के दौरान भारत की तेल विपणन कंपनियों ने दैनिक उत्पादन को 34,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 55,000 मीट्रिक टन कर दिया, जिससे आयात में गिरावट को संतुलित किया गया।
मंत्री ने एलपीजी और प्राकृतिक गैस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की खबरों को भी खारिज किया, यह स्पष्ट किया कि ऐसी कोई प्रस्ताव नहीं है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that diversifying LPG sources reduces India’s exposure to geopolitical disruptions and stabilizes domestic fuel prices, reinforcing long‑term energy security.
"Diversifying LPG sources reduces geopolitical risk and ensures price stability," said Dr. Ananya Sharma, senior energy analyst.
Frequently Asked Questions
- प्रश्न: भारत के एलपीजी आयात में यूएस की भागीदारी क्यों बढ़ी?
- उत्तर: ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और भू‑राजनीतिक जोखिम कम करने के लिए diversified स्रोत अपनाए गए हैं।
- प्रश्न: इस बदलाव से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
- उत्तर: अमेरिकी आपूर्ति के बढ़ते हिस्से से आपूर्ति में स्थिरता आएगी और कीमतों में संभावित उतार‑चढ़ाव कम होगा।