तेलंगाना सरकार जहीराबाद में एक विशाल इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी विकसित कर रही है, जिससे राज्य में भारी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने परियोजना की समयसीमा और लक्ष्यों का खुलासा किया है।

  • मार्च 2028 तक जहीराबाद इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी का काम पूरा करने का लक्ष्य।
  • ₹15,000 करोड़ के निवेश और 2 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगारों का अनुमान।
  • 3,245 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट केंद्र और राज्य सरकार का एक संयुक्त प्रयास है।

तेलंगाना के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने जहीराबाद इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के विकास को तेज कर दिया है। आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT) की एक उच्च स्तरीय बैठक में घोषणा की कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य मार्च 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा।

यह स्मार्ट सिटी लगभग 3,245 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इस हब के माध्यम से राज्य में लगभग ₹15,000 करोड़ का निवेश आकर्षित किया जाए। एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद, यह केंद्र न केवल विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देगा, बल्कि लगभग दो लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

परियोजना की संरचना के अनुसार, तेलंगाना सरकार ने भूमि के माध्यम से इस प्रोजेक्ट में 51% हिस्सेदारी रखी है, जबकि केंद्र सरकार औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मंत्री श्रीधर बाबू ने स्पष्ट किया कि विकास योजना पहले ही स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) को सौंपी जा चुकी है और कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the strategic location of Zaheerabad, combined with smart infrastructure, will likely shift the industrial gravity from Hyderabad's core to its periphery. This decentralization is critical for balanced regional growth and reducing urban congestion in the capital.

"The integration of a Smart City model into industrial corridors is the blueprint for India's next-gen manufacturing leap."

बैठक के दौरान, मंत्री श्रीधर बाबू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से अनुरोध किया कि भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत घोषित 100 'प्लग-एंड-प्ले' इंडस्ट्रियल पार्कों में से चार तेलंगाना को आवंटित किए जाएं। इससे राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली के उद्योग मंत्री सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा ने हैदराबाद का दौरा किया, जहां उन्होंने तेलंगाना के प्रसिद्ध प्रोटोटाइपिंग सेंटर T-Works की तर्ज पर दिल्ली में एक समान संस्थान स्थापित करने के लिए सहयोग मांगा।

क्या आप जानते हैं?: T-Works भारत का सबसे बड़ा प्रोटोटाइपिंग सेंटर है, जो नवाचार और डिजाइन के लिए उद्यमियों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करता है।
विशेषताविवरण
कुल क्षेत्रफल3,245 एकड़
अनुमानित निवेश₹15,000 करोड़
रोजगार क्षमता2,00,000 लोग
पूर्ण होने की तिथिमार्च 2028

Frequently Asked Questions

1. जहीराबाद स्मार्ट सिटी परियोजना में केंद्र और राज्य की क्या भूमिका है?
तेलंगाना सरकार ने भूमि प्रदान कर 51% हिस्सेदारी ली है, जबकि केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

2. BHAVYA योजना क्या है?
यह भारत औद्योगिक विकास योजना है जिसके तहत देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं।