आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में पुरानी किताबों की मांग बढ़ रही है, लेकिन यह मांग ज्ञान के प्रसार के लिए नहीं बल्कि डेटा माइनिंग के लिए है। यह लेख बताता है कि कैसे डिजिटल युग में 'सेरेंडिपिटी' और मानवीय स्पर्श खो रहा है।

  • एआई कंपनियां जैसे Anthropic डेटा के लिए पुरानी किताबों का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण कर रही हैं।
  • 'डिस्ट्रक्टिव स्कैनिंग' के कारण लाखों दुर्लभ किताबों की भौतिक प्रतियां नष्ट की जा रही हैं।
  • एल्गोरिदम के युग में पुरानी किताबों के माध्यम से मिलने वाली आकस्मिक खोज (Serendipity) लुप्त हो रही है।

आज के युग में जहाँ एल्गोरिदम यह तय करते हैं कि हमें क्या देखना है और क्या अनदेखा करना है, वहां पुरानी किताबों की दुकानों में भटकना एक दुर्लभ अनुभव बन गया है। हाल ही में यह देखा गया है कि ब्रिटेन के पुराने बुकसेलर किताबों की बिक्री में अचानक उछाल महसूस कर रहे हैं। लेकिन इस उछाल के पीछे कोई साहित्यिक पुनर्जागरण नहीं, बल्कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) की भूख है।

एआई फर्म Anthropic के रहस्यमय "प्रोजेक्ट पनामा" (Project Panama) ने इस सच्चाई से पर्दा उठाया है। इंटरनेट पर मौजूद डेटा अब 'एआई स्लोप' (AI slop) या निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री से भर चुका है, जिसके कारण एआई कंपनियों को अब उच्च गुणवत्ता वाले ज्ञान के लिए वास्तविक किताबों की ओर रुख करना पड़ा है। यह विडंबना ही है कि जिस तकनीक को ज्ञान का विस्तार करना था, वह अब भौतिक ज्ञान के स्रोतों को निगल रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल किताबों के डिजिटलीकरण का मामला नहीं है, बल्कि यह 'ज्ञान के उपभोग' के तरीके में एक खतरनाक बदलाव है। जब एआई किताबों को स्कैन करता है, तो वह अक्सर 'डिस्ट्रक्टिव स्कैनिंग' का उपयोग करता है, जिसमें किताब की बाइंडिंग को फाड़ दिया जाता है ताकि पन्नों को तेजी से स्कैन किया जा सके। यह प्रक्रिया किताब को एक भौतिक वस्तु से बदलकर केवल डेटा के एक सेट में तब्दील कर देती है।

"किताबों के हाशिये (margins) पर लिखे नोट्स और पुराने पन्नों की खुशबू वह मानवीय इतिहास है जिसे कोई भी एल्गोरिदम कभी महसूस या रीक्रिएट नहीं कर सकता।"

पुरानी किताबों का आकर्षण केवल उनके शब्दों में नहीं, बल्कि उनके इतिहास में होता है। वर्जीनिया वुल्फ के शब्दों में, एक पुरानी किताब में हमें एक ऐसा 'अजनबी' मिल सकता है जो दुनिया में हमारा सबसे अच्छा दोस्त बन जाए। किताबों के हाशिये पर लिखे पिछले पाठकों के विचार (Marginalia) हमें उस व्यक्ति से जोड़ते हैं जिसने दशकों पहले उसी विचार को महसूस किया था।

ऐतिहासिक रूप से, पुरानी किताबों के बाजार ने ज्ञान का लोकतंत्रीकरण किया है। उन्होंने शिक्षा को उन लोगों तक पहुँचाया जो महंगी नई किताबें नहीं खरीद सकते थे। लेकिन अब, यह लोकतंत्रीकरण एक कॉर्पोरेट डेटा संग्रह में बदल रहा है।

क्या आप जानते हैं?: 'मार्जिनलिया' (Marginalia) उस कला या आदत को कहते हैं जिसमें पाठक किताब के खाली किनारों पर अपने नोट्स या टिप्पणियां लिखते हैं, जो बाद में शोधकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक दस्तावेज बन जाते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रोजेक्ट पनामा क्या है?
उत्तर: यह Anthropic जैसी एआई कंपनियों द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है जिसके तहत बड़ी संख्या में पुरानी किताबों को खरीदकर उन्हें स्कैन किया जा रहा है ताकि एआई मॉडल्स को बेहतर डेटा दिया जा सके।

प्रश्न 2: डिस्ट्रक्टिव स्कैनिंग क्या होती है?
उत्तर: यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किताब की स्पाइन (बाइंडिंग) को पूरी तरह से हटा दिया जाता है ताकि पन्नों को मशीन द्वारा तेजी से स्कैन किया जा सके, जिससे किताब भौतिक रूप से नष्ट हो जाती है।