तमिलनाडु ने प्राथमिक स्तर पर 92% का उच्च ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) दर्ज किया, जबकि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप‑आउट शून्य बना रहा। दूसरी ओर, माध्यमिक स्तर पर 6.2% ड्रॉप‑आउट और उच्च माध्यमिक में गिरते प्रतिधारण दर की चुनौती अभी बाकी है।

तमिलनाडु सरकार ने शिक्षा विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर 92% ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) प्राप्त किया है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी आगे है। यह आंकड़ा यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) 2025‑2026 से निकाला गया है, जिसे शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में प्रकाशित किया।

पृष्ठभूमि और GER की परिभाषा

GER वह प्रतिशत दर्शाता है जो निर्धारित आयु वर्ग के सभी बच्चों को स्कूल में नामांकित करता है, चाहे वे सरकारी या निजी संस्थानों में हों। इसे शिक्षा नीति निर्माताओं के लिए प्रमुख संकेतक माना जाता है, क्योंकि यह शैक्षिक पहुँच और सामाजिक समावेशन का मापदंड है। तमिलनाडु ने पिछले दशक में निरंतर सुधार किया है, और 2025‑26 के आंकड़े इस प्रवृत्ति को और सुदृढ़ करते हैं।

वर्तमान आँकड़े

उच्च प्राथमिक (कक्षा 6‑8) में GER में हल्की गिरावट देखी गई, जो 98% से घटकर 95% रह गया, जबकि माध्यमिक (कक्षा 9‑10) में 97% का मामूली उछाल हुआ। उच्च माध्यमिक (कक्षा 11‑12) में GER 85% पर स्थिर है, जो अभी भी माध्यमिक स्तर से काफी पीछे है। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप‑आउट शून्य बना रहा, लेकिन माध्यमिक स्तर पर 6.2% छात्र शिक्षा छोड़ रहे हैं, जिससे प्रतिधारण दर 75.9% तक गिर जाती है।

सरकारी बनाम निजी स्कूलों का विभाजन

तमिलनाडु में निजी विद्यालयों की छात्रसंख्या 62 लाख से अधिक है, जबकि सरकारी स्कूलों में 43 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं। यह 18 लाख के अंतर को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी समान प्रवृत्ति को प्रतिबिंबित करता है। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने भी इस वर्ष 18 लाख से अधिक छात्रों को नामांकित किया, जिससे निजी एवं सार्वजनिक शिक्षा के बीच संतुलन और प्रतिस्पर्धा स्पष्ट होती है।

शिक्षक‑छात्र अनुपात और तकनीकी शिक्षा

राज्य में कुल 57,566 स्कूल, 1,24,02,872 छात्र और 5,69,909 शिक्षक हैं, जिससे पुपिल‑टीचर रेशियो (PTR) 22:1 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 24:1 है। यह बेहतर अनुपात सीखने की गुणवत्ता को बढ़ावा देता है। इसके अतिरिक्त, 2025‑26 शैक्षणिक वर्ष में 83,600 छात्र पॉलिटेक्निक संस्थानों में और 60,355 छात्र इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) में प्रवेश ले रहे हैं, जिससे कुल 1,43,955 छात्र तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में सम्मिलित हुए।

भविष्य की दिशा

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर निरंतर उच्च GER और शून्य ड्रॉप‑आउट को बनाए रखना, तमिलनाडु की शैक्षिक नीतियों की सफलता को दर्शाता है। हालांकि, माध्यमिक स्तर पर बढ़ते ड्रॉप‑आउट को रोकने के लिए लक्ष्य‑आधारित हस्तक्षेप, करियर काउंसलिंग और छात्र‑सहायता योजनाओं की आवश्यकता है। यदि राज्य इन चुनौतियों को संबोधित कर पाता है, तो वह राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक उत्कृष्टता का मानक स्थापित कर सकता है।