ऑल इंडिया सर्वे ऑन हाईर एजुकेशन (AISHE) ने बताया कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग ने 39.7% हिस्सेदारी के साथ सभी इंजीनियरिंग शाखाओं में सबसे अधिक नामांकन किया। यह रुझान भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और एआई‑संबंधी नौकरियों की तेज़ी से बढ़ती मांग को प्रतिबिंबित करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग ने 2023‑24 में 18,40,900 नामांकन के साथ 39.7% हिस्सेदारी हासिल की।
  • इंडियन एआई लैबर मार्केट रिपोर्ट 2026 के अनुसार एआई इंजीनियरिंग भर्ती में 59.5% साल‑दर‑साल वृद्धि हुई।
  • STEM शिक्षा में कुल 4.5 करोड़ छात्रों की रिकॉर्ड नामांकन, जिसमें एक करोड़ से अधिक छात्र तकनीकी शाखाओं में हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग ने भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा में नई दिशा निर्धारित की। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हाईर एजुकेशन (AISHE) 2023‑24 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर इंजीनियरिंग ने 18,40,900 छात्रों के साथ सभी इंजीनियरिंग शाखाओं में सबसे अधिक नामांकन किया, जो कुल इंजीनियरिंग‑तकनीकी प्रविष्टियों के लगभग 40% के बराबर है। इस शीर्ष स्थान के पीछे इलेक्ट्रॉनिक्स (12.3%) और मैकेनिकल (9.6%) जैसी पारंपरिक शाखाएँ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

पड़ाव और स्नातक आंकड़े

रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया कि 2023‑24 में कंप्यूटर इंजीनियरिंग ने 2,62,408 स्नातकों को निकाला, जो कुल 8,33,808 इंजीनियरिंग‑तकनीकी स्नातकों में लगभग एक‑तीसरे हिस्से के बराबर है। मैकेनिकल (1,13,390), इलेक्ट्रॉनिक्स (1,11,242) और सिविल (88,839) क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि छात्रों की पसंद तेजी से डिजिटल और एआई‑आधारित करियर की ओर झुकी हुई है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार का परिदृश्य

लिंक्डइन की एआई लैबर मार्केट रिपोर्ट 2026 ने बताया कि भारत ने एआई इंजीनियरिंग भर्ती में विश्व‑स्तर पर सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की, 59.5% वार्षिक वृद्धि के साथ। साथ ही, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025 ने एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा और साइबर सुरक्षा को 2030 तक के सबसे तेज़ बढ़ते पेशों में गिना है। इन रुझानों ने छात्रों को कंप्यूटर विज्ञान, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे विषयों की ओर आकर्षित किया है।

शिक्षा संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए प्रभाव

आईआईटी, एनआईटी और कई राज्य तथा निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब शीर्ष रैंकिंग वाले अभ्यर्थी कंप्यूटर विज्ञान और उसके सहयोगी शाखाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल पाठ्यक्रम संरचना में बदलाव को प्रेरित करेगी, बल्कि बुनियादी ढाँचे, अनुसंधान फंडिंग और उद्योग‑अकादमी सहयोग को भी नया रूप देगी। नीति निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि शैक्षिक संसाधन, फैकल्टी प्रशिक्षण और प्रयोगशालाएँ इस तीव्र मांग को पूरा करने के लिए तैयार हों।

भविष्य की दिशा

कुल मिलाकर, 2023‑24 में 4.5 करोड़ छात्रों की ऐतिहासिक नामांकन ने भारत में तकनीकी शिक्षा के निरंतर विस्तार को रेखांकित किया। एक करोड़ से अधिक छात्रों का STEM क्षेत्रों में प्रवेश, देश के विकास में तकनीकी कौशल की बढ़ती महत्ता को प्रमाणित करता है। जैसे-जैसे एआई और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार होगा, कंप्यूटर इंजीनियरिंग की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी, जिससे रोजगार‑उन्मुख शिक्षा और नवाचार‑परक उद्यमिता को नई ऊर्जा मिलेगी।