राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री‑एक्जाम उम्मीदवारों के स्कैन किए हुए OMR शीट और रिकॉर्डेड प्रतिक्रियाएँ neet.nta.nic.in पर प्रकाशित की हैं। 15 जुलाई सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन चुनौती जमा करने के लिए 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- NEET UG 2026 के OMR शीट और रिकॉर्डेड प्रतिक्रियाएँ आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं
- उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन चुनौती जमा कर सकते हैं
- प्रति चुनौती ₹200 की फीस, भुगतान ऑनलाइन ही मान्य होगा
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने आज NEET UG 2026 के री‑एक्जाम में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्कैन किए हुए OMR उत्तर पत्रक और रिकॉर्डेड प्रतिक्रियाओं को neet.nta.nic.in पर सार्वजनिक कर दिया है। यह कदम अभ्यर्थियों को उनके उत्तरों की सटीकता की जाँच करने और किसी भी विसंगति पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की सुविधा प्रदान करता है।
चुनौती प्रक्रिया का विवरण
उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे तक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अपनी आपत्तियों को दर्ज कर सकते हैं। प्रत्येक चुनौती के लिए ₹200 का प्रोसेसिंग शुल्क अनिवार्य है, जिसे डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट‑बैंकिंग द्वारा ही भुगतान किया जा सकता है। बिना भुगतान के या पोर्टल के बाहर भेजी गई किसी भी चुनौती को अस्वीकार किया जाएगा।
प्रक्रिया में दो‑फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए NTA ने दो‑फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) लागू किया है। अभ्यर्थियों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई‑मेल पर भेजे गए OTP को दर्ज करके ही OMR शीट और रिकॉर्डेड प्रतिक्रियाओं को देखना होगा। यह कदम डेटा की सुरक्षा और अनधिकृत पहुँच को रोकने में मदद करेगा।
अपत्ति दर्ज करने की तकनीकी विधि
उम्मीदवार उच्च‑रिज़ॉल्यूशन स्कैन की गई OMR शीट को वास्तविक उत्तरों से तुलना कर सकते हैं। यदि कोई उत्तर भिन्न दिखे, तो वह संबंधित प्रश्न चुनकर अपनी मूल मार्किंग को दर्शा सकता है। NTA ने यह भी स्पष्ट किया कि रोल नंबर, बुकलेट नंबर या सेट कोड जैसी महत्वपूर्ण डेटा फ़ील्ड में त्रुटियाँ भी चुनौती के तहत रिपोर्ट की जा सकती हैं।
भविष्य की दिशा और संभावित प्रभाव
यह पहल NEET जैसी उच्च‑स्तरीय प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देती है और अभ्यर्थियों के विश्वास को सुदृढ़ करती है। साथ ही, यह प्रक्रिया भविष्य में अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी दोहराई जा सकती है, जिससे पूरे शिक्षा परिदृश्य में उत्तरदाता‑केंद्रित सुधारों की संभावना बढ़ेगी।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल वही उत्तर चुनें जो नीली या काली बॉलपॉइंट पेन से पूरी तरह काले किए गए हों; अधूरे या हल्के निशान को मान्य नहीं माना जाएगा। किसी भी प्रकार के छेड़छाड़ या धोखाधड़ी के प्रयासों को कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ेगा, जिसमें डिबारमेंट या कानूनी कार्रवाई शामिल है।