राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET‑UG 2026 के परिणाम जारी किए। 11.21 लाख छात्रों ने उत्तीर्णता हासिल की, जबकि 19 अभ्यर्थियों ने 700 अंक से अधिक अंक प्राप्त किए, जिससे परीक्षा की कठिनाई में उल्लेखनीय परिवर्तन दिखता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 19 उम्मीदवारों ने 700 अंक से अधिक अंक प्राप्त किए
- कुल पास दर 56% के आसपास स्थिर रही
- 2027 से NEET पेपर‑बेस्ड से कंप्यूटर‑बेस्ड में बदला जाएगा
NEET‑UG 2026 के परिणाम 16 जुलाई को घोषित हुए, जिसमें 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर ली। यह परिणाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि पिछले वर्ष 2025 में कोई भी उम्मीदवार 700 अंक से ऊपर नहीं पहुंचा था।
उच्च अंक धारियों का विवरण
पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पन्शुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान साझा किया। 2025 के टॉपर के 686 अंकों की तुलना में यह 29 अंक की बढ़ोतरी दर्शाता है। कुल 19 छात्र 700 अंक से अधिक अंक लाते हैं, जबकि 1,492 ने 650 से अधिक अंक हासिल किए।
पहली बार परीक्षा देने वाले और लिंग संतुलन
690 से ऊपर अंक प्राप्त करने वाले 138 छात्रों में से 93% पहली बार NEET देने वाले थे और 99% की आयु 17‑19 वर्ष के बीच थी। महिलाओं ने कुल अभ्यर्थियों का 58% हिस्सा बनाया और उनका पास दर 56.8% रहा, जबकि पुरुषों का पास दर 55.1% था। यह दर्शाता है कि महिला छात्रों की भागीदारी और सफलता दर में निरंतर सुधार हो रहा है।
भौगोलिक वितरण और सामाजिक वर्ग
उत्तरी प्रदेश ने 1.7 लाख से अधिक सफल उम्मीदवारों के साथ सबसे बड़ा योगदान दिया। लद्दाख, अण्डमान और निकोबार, लाक्षद्वीप सहित सभी उत्तर-पूर्वी राज्य अपने‑अपने राज्य‑टॉपरों के साथ प्रतिनिधित्व कर रहे थे, जिससे परीक्षा का व्यापक भौगोलिक कवरेज स्पष्ट होता है। सामाजिक वर्ग के हिसाब से ओबीसी‑एनसीएल के 5.12 लाख, सामान्य वर्ग के 2.91 लाख, और एससी वर्ग के 1.59 लाख उम्मीदवार पास हुए।
परीक्षा पुनः‑निर्धारण और भविष्य की दिशा
मे 3 को आयोजित मूल परीक्षा को मे 12 को रद्द किया गया, क्योंकि प्रश्नपत्र के लीक होने का संदेह था और इस मामले की जांच CBI कर रही है। इसके बाद 21 जून को 20 लाख छात्रों के साथ पुनः‑परीक्षा आयोजित की गई। परिणाम की समयबद्ध घोषणा ने मेडिकल काउंसिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाया। सरकार ने 2027 से NEET‑UG को पेन‑एंड‑पेपर से कंप्यूटर‑बेस्ड में बदलने की योजना घोषित की है, जो परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।