नयी सीसीटीवी फुटेज ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9‑साल की छात्रा अमायरा की मौत के पीछे के बुलींग और स्कूल की लापरवाही को स्पष्ट किया है। वीडियो में दिखता है कि कैसे शिक्षक‑छात्र संवाद टूटता है और अंत में वह अकेले चार‑मंजिला इमारत से गिर जाती है।

जुलाई 2026 में वायरल हुई सीसीटीवी रिकॉर्डिंग ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा के अंतिम घंटे को उजागर किया, जब वह 48 फुट ऊँची इमारत से गिरकर मार गई। फुटेज की शुरुआत में अमायरा मुस्कुराते हुए कक्षा में प्रवेश करती है, एक दोस्त को नमस्ते कहती है और नृत्य कक्षा में उत्साह से भाग लेती है।

बुलींग की शुरुआत

क्लास के पुनः शुरू होने पर कुछ छात्रों को डिजिटल स्लेट हाथ में दिखाया जाता है, जिसे अमायरा को दो‑तीन बार दिखाया गया। इस दृश्य के बाद उसकी शारीरिक भाषा तुरंत बदल जाती है – वह असहज, withdrawn और शर्मीली दिखती है, जबकि उसके साथियों के साथ उसका संवाद घट जाता है।

शिक्षक से अपूर्ण संवाद

लगभग एक घंटे की अवधि में अमायरा कई बार अपनी कक्षा के शिक्षक पुनीता शर्मा के पास जाती है, यह बताने के लिए कि उसे क्या परेशान कर रहा है। लेकिन हर बार एक अन्य छात्र के हस्तक्षेप के कारण शिक्षक का ध्यान हट जाता है। शिक्षक ने उसे निजी तौर पर बात करने की बजाय फिर से सीट पर बैठा दिया, जिससे अमायरा निराश और "पूरी तरह असहाय" महसूस करती रही।

एकाकी प्रस्थान और घातक गिरावट

फुटेज में दिखता है कि अमायरा अकेले ही कक्षा छोड़ती है, गलियारे में तेज़ी से चलती हुई सीढ़ियों की ओर बढ़ती है। कोई भी स्टाफ सदस्य उसे रोकता या मार्गदर्शन नहीं करता। वह चौथी मंज़िल के रेलिंग के पास पहुँचती है और 1 नवंबर को नीचे गिरकर तुरंत अस्पताल में मृत्यु घोषित हो जाती है।

परिवार की प्रतिक्रिया और संस्थागत जांच

अमायरा के परिवार ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ज्यूनाइल जस्टिस एक्ट के तहत स्कूल के प्रिंसिपल और चेयरमैन सहित सभी जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। केंद्रीय बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने पिछले साल स्कूल को एक शो‑कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें छात्र सुरक्षा में "सिस्टेमिक विफलताएँ" बताई गई थीं। रिपोर्ट में बताया गया कि अमायरा ने लगभग 18 महीने तक बुलींग झेली, जिसमें उसे गालियों का सामना करना पड़ा और शिक्षक ने शिकायतों को "अन्य बच्चों के साथ तालमेल बैठाने की जरूरत" कहा।

भविष्य की दिशा

यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि भारतीय स्कूलों में छात्र‑सुरक्षा और बुलींग‑रोकथाम के मौजूदा ढाँचे की गंभीर कमियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों को त्वरित, पारदर्शी और सख्त निगरानी प्रणाली लागू करनी चाहिए, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

अमायरा की मौत ने भारत में शैक्षिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। यदि इस मुद्दे को तुरंत संबोधित नहीं किया गया, तो भविष्य में समान घटनाएँ दोहराई जा सकती हैं, जिससे सामाजिक विश्वास और शैक्षिक गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा।