सिद्धार्थ अकादमी ने एमबीए प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और निरंतर सीखने के महत्व पर बल दिया। उद्योग जगत की तेजी से बदलती मांगों के साथ तालमेल बिठाने की चेतावनी दी गई।

मुख्य बिंदु

  • नए सर्टिफिकेशन को एमबीए के साथ जोड़ने की सलाह
  • संचार कौशल और उद्योग अपडेट की आवश्यकता
  • उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए रचनात्मक सोच

बर्खा निगम, राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (NISM) की कार्यकारी प्रबंधक, ने सिद्धार्थ अकादमी के मैनेजमेंट स्कूल में 2026‑2028 बैच के एमबीए अभिमुखीकरण कार्यक्रम के उद्घाटन पर छात्रों को लगातार नए ज्ञान स्रोतों की खोज करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि पेशेवर प्रमाणपत्रों को एमबीए के साथ जोड़ने से रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस संदर्भ में, श्री राम, विभाग प्रमुख ने तकनीकी एवं प्रबंधन शिक्षा के समान महत्व पर प्रकाश डाला।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में प्रबंधन शिक्षा का विकास 1960 के दशक से शुरू हुआ, जब पहले IIM स्थापित हुए। तब से, उद्योग की जरूरतें बदलती रही हैं, और आज का छात्र केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और प्रमाणपत्रों की भी मांग करता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that graduates who combine academic degrees with industry‑recognized certifications enjoy up to 30% higher starting salaries and faster career progression, making this advisory crucial for India's future workforce.

"सिद्धांत और व्यावहारिक ज्ञान का संतुलन ही आज के नौकरी बाजार में सफलता की कुंजी है," कहा शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. अजय मेहता।
Did You Know?: भारत में 2025 में 1.2 करोड़ युवा स्नातक रोजगार के लिए नई कौशल सीखने की योजना बना रहे हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कौन‑से प्रमाणपत्र एमबीए के साथ सबसे अधिक मूल्यवर्धित होते हैं?
उत्तर: डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे प्रमाणपत्र उद्योग में उच्च मांग में हैं।

प्रश्न 2: छात्रों को कैसे निरंतर सीखते रहना चाहिए?
उत्तर: वे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, वेबिनार, और उद्योग‑संबंधित कार्यशालाओं के माध्यम से लगातार अद्यतन रह सकते हैं।