विशाखापट्टनम जिला कलेक्टर एम. अभिषेकित किशोर ने छात्रों को जिम्मेदार नागरिक और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए माता-पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल के विकास और छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की।
मुख्य बातें
- कलेक्टर ने छात्रों को वैश्विक स्तर पर सफल बनाने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को एकजुट होने का आह्वान किया।
- अदाविवरम के जिला परिषद हाई स्कूल में 'मेगा पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग 4.0' का आयोजन किया गया।
- स्कूल ने 88% पास प्रतिशत के साथ शानदार प्रदर्शन किया है।
- कलेक्टर ने छात्रों द्वारा बनाए गए ड्रोन मॉडल की सराहना की और लाइव प्रदर्शन के निर्देश दिए।
विशाखापट्टनम के जिला कलेक्टर एम. अभिषेकित किशोर ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि छात्रों को न केवल शिक्षित करना चाहिए, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाले सफल व्यक्तियों और जिम्मेदार नागरिकों के रूप में तैयार करना चाहिए। उन्होंने यह बात अदाविवरम स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित 'मेगा पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग 4.0' के दौरान कही।
कार्यक्रम के दौरान, कलेक्टर ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया, जिसमें एक ड्रोन मॉडल भी शामिल था। कलेक्टर ने इस नवाचार से प्रभावित होकर अधिकारियों को छात्रों के लिए एक वास्तविक ड्रोन का लाइव प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि वे तकनीक को करीब से समझ सकें।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शिक्षा के क्षेत्र में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। कलेक्टर का यह दृष्टिकोण आधुनिक युग की मांग है, जहाँ कौशल-आधारित शिक्षा (Skill-based education) और तकनीक के साथ तालमेल बिठाना अनिवार्य है। जब शिक्षक और अभिभावक एक साझा लक्ष्य के साथ काम करते हैं, तो छात्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि छात्रों को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।
कलेक्टर ने स्कूल की प्रगति की समीक्षा करते हुए 88% पास प्रतिशत की सराहना की। उन्होंने यह भी नोट किया कि पिछले वर्ष की तुलना में स्कूल में छात्रों का नामांकन 453 से बढ़कर 490 हो गया है, जो शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मेधावी छात्रों को अध्ययन सामग्री, प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न वितरित किए और स्कूल में CCTV कैमरा लगाने के लिए सहायता का आश्वासन दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में 'पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग' (PTM) का महत्व पिछले दशक में काफी बढ़ा है। यह केवल रिपोर्ट कार्ड साझा करने का माध्यम नहीं, बल्कि छात्र के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए एक मंच बन गया है। विशाखापट्टनम जैसे जिलों में इस तरह के बड़े स्तर के आयोजन शिक्षा के प्रति प्रशासनिक गंभीरता को दर्शाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. कलेक्टर ने स्कूल में किस विशेष प्रोजेक्ट की सराहना की?
कलेक्टर ने छात्रों द्वारा बनाए गए ड्रोन मॉडल की विशेष रूप से सराहना की।
2. स्कूल के प्रदर्शन में क्या सुधार हुआ है?
स्कूल ने 88% पास प्रतिशत हासिल किया है और छात्र नामांकन में भी वृद्धि देखी गई है।