कर्नाटक में माध्यमिक शिक्षा के दौरान छात्रों के स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जो देश के कई राज्यों से अधिक है। UDISE+ के ताजा आंकड़ों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बातें
- कर्नाटक में माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-12) पर ड्रॉपआउट दर 18.1% तक पहुँच गई है।
- लद्दाख के बाद कर्नाटक देश में दूसरे सबसे बड़े ड्रॉपआउट वाले क्षेत्रों में शामिल है।
- केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक 100% ट्रांजिशन हासिल किया है।
बेंगलुरु: कर्नाटक में शिक्षा के क्षेत्र में एक गंभीर संकट उभर रहा है। हाल ही में जारी UDISE+ (Unified District Information System for Education Plus) रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में माध्यमिक स्तर पर छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले काफी अधिक है। विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 के बीच छात्रों का पढ़ाई छोड़ना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
डेटा का विश्लेषण: कर्नाटक की स्थिति
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 में माध्यमिक स्तर पर लगभग 18.1% छात्र स्कूल से बाहर हो गए हैं। यह स्थिति न केवल राज्य की साक्षरता दर को प्रभावित कर सकती है, बल्कि भविष्य की कार्यशक्ति पर भी बुरा असर डालेगी। तुलनात्मक रूप से देखें तो, लद्दाख (15.6%) के बाद कर्नाटक इस सूची में शीर्ष पर है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यदि माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को नियंत्रित नहीं किया गया, तो राज्य का सामाजिक-आर्थिक ढांचा कमजोर हो सकता है। उच्च ड्रॉपआउट दर का सीधा संबंध बेरोजगारी और कौशल की कमी से होता है।
शिक्षा का अधिकार केवल स्कूल में प्रवेश तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्र को स्नातक स्तर तक बनाए रखना वास्तविक सफलता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जहाँ कर्नाटक ने प्रारंभिक शिक्षा (Pre-primary to Class III) में 100% ट्रांजिशन दर हासिल की है, वहीं मध्यम स्तर (Class VI to VIII) पर यह गिरकर 97.6% रह गई है। यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे छात्र बड़े होते हैं, स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ती जाती है।
Frequently Asked Questions
1. कर्नाटक में ड्रॉपआउट दर कितनी है?
माध्यमिक स्तर पर यह दर लगभग 18.1% दर्ज की गई है।
2. UDISE+ रिपोर्ट क्या है?
यह शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक एकीकृत जिला सूचना प्रणाली है जो स्कूलों के महत्वपूर्ण डेटा का विश्लेषण करती है।