केप टाउन विश्वविद्यालय (UCT) को गाजा युद्ध पर स्टैंड लेने के कारण 250 मिलियन रैंड का भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। यह मामला शिक्षा की स्वतंत्रता और रंगभेद काल की संपत्ति के प्रभाव के बीच एक बड़े संघर्ष को दर्शाता है।

मुख्य बातें

  • केप टाउन विश्वविद्यालय (UCT) ने गाजा में युद्धविराम और मानवीय सहायता के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए।
  • डोनाल्ड गॉर्डन फाउंडेशन ने राजनीतिक कारणों से 250 मिलियन रैंड ($15.2m) का दान वापस ले लिया।
  • यह विवाद शैक्षणिक स्वतंत्रता बनाम निजी दाताओं के राजनीतिक प्रभाव के बीच है।
  • यह घटना दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक रंगभेद और आर्थिक असमानता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

दक्षिण अफ्रीका के प्रतिष्ठित केप टाउन विश्वविद्यालय (UCT) को एक बड़े वित्तीय झटके का सामना करना पड़ा है। विश्वविद्यालय के कुलपति मोसा मोशाबेला ने संसद को सूचित किया कि गाजा में जारी इजरायली युद्ध के संबंध में दो प्रस्तावों को अपनाने के बाद, विश्वविद्यालय ने लगभग 250 मिलियन रैंड ($15.2 मिलियन) का दान खो दिया है।

मुख्य दाता, डोनाल्ड गॉर्डन फाउंडेशन ने अपने 10 साल के वादे के तहत दिए जाने वाले 200 मिलियन रैंड के फंड को वापस ले लिया है। इसके अलावा, अन्य दाताओं ने छात्रवृत्ति के लिए वार्षिक 15 मिलियन रैंड की कटौती कर दी है। यह वित्तीय संकट ऐसे समय में आया है जब दक्षिण अफ्रीका दुनिया के सबसे असमान देशों में से एक है और UCT के छात्रों पर पहले से ही भारी कर्ज है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल धन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक स्वायत्तता पर हमला है। दाता चाहते थे कि विश्वविद्यालय IHRA (इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस अलायंस) की परिभाषा को अपनाए, जो अक्सर इजरायल की आलोचना को यहूदी विरोधी बताकर सीमित कर देती है। इसके विपरीत, UCT ने जेरूसलम घोषणा का समर्थन किया, जो इजरायल की आलोचना को सुरक्षित रखते हुए यहूदी विरोधी अपराधों की निंदा करती है।

शिक्षा को राजनीतिक दबाव के माध्यम से नियंत्रित करने का प्रयास लोकतंत्र और अकादमिक स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर खतरा है।

ऐतिहासिक रूप से, डोनाल्ड गॉर्डन की संपत्ति का निर्माण लिबर्टी लाइफ के माध्यम से हुआ था, जो रंगभेद (Apartheid) के दौर में फला-फूला था। यह विरोधाभास गहरा है कि जिस संपत्ति का निर्माण नस्लीय असमानता पर आधारित था, उसका उपयोग अब दक्षिण अफ्रीकी संस्थानों को राजनीतिक रूप से नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के दौरान, शिक्षा का उपयोग नियंत्रण के साधन के रूप में किया गया था। 1970 के दशक में, श्वेत छात्रों पर अश्वेत छात्रों की तुलना में शिक्षा पर तीन गुना अधिक खर्च किया जाता था। आज भी, संपत्ति का वितरण अत्यधिक असमान है, जहाँ श्वेत आबादी के पास विरासत में मिली संपत्ति का बड़ा हिस्सा है, जबकि अश्वेत समुदाय संघर्ष कर रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: गाजा में इजरायली हमलों के कारण अप्रैल 2026 तक लगभग 98% स्कूल की इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: UCT ने कौन से प्रस्ताव पारित किए थे?
उत्तर: विश्वविद्यालय ने गाजा में तत्काल युद्धविराम, मानवीय सहायता और इजरायली सैन्य समूहों से जुड़े शोध के साथ संबंधों को सीमित करने का प्रस्ताव पारित किया था।

प्रश्न 2: दान वापस लेने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: दाताओं ने UCT द्वारा 'जेरूसलम घोषणा' को अपनाने और गाजा के पक्ष में रुख अपनाने पर आपत्ति जताई थी।