वेल्लोर स्थित गणदिपाथी तुलसी जैन इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपना 22वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया, जहाँ छात्रों ने शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन दिखाया। कॉलेज ने इस वर्ष 82.32% उत्तीर्ण प्रतिशत हासिल करने का गौरव प्राप्त किया है।

मुख्य बातें

  • गणदिपाथी तुलसी जैन इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपना 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया।
  • शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कॉलेज ने 82.32% का शानदार उत्तीर्ण प्रतिशत प्राप्त किया।
  • पूर्व कुलपति सुधा शेषय्यन ने छात्रों को नैतिकता और निरंतर सीखने की सलाह दी।

वेल्लोर के प्रतिष्ठित गणदिपाथी तुलसी जैन इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में हाल ही में 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के शैक्षणिक सफर और छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य एम. भारती ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें हाल के शैक्षणिक मील के पत्थरों और छात्रों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड पर विशेष प्रकाश डाला गया।

इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति सुधा शेषय्यन उपस्थित रहीं। उन्होंने नए स्नातकों को बधाई देते हुए जीवन में नैतिकता, विनम्रता, सम्मान और कृतज्ञता जैसे मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि करियर में सफलता के लिए निरंतर कौशल विकास और सामाजिक जिम्मेदारी का होना अनिवार्य है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में उच्च उत्तीर्ण दर और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कॉलेज की गुणवत्ता और छात्रों की तैयारी को दर्शाते हैं। 82.32% का पास प्रतिशत यह संकेत देता है कि संस्थान न केवल सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यावहारिक कौशल प्रदान करने में भी सफल रहा है।

"सफलता केवल डिग्री प्राप्त करने में नहीं, बल्कि निरंतर सीखने और समाज के प्रति जिम्मेदार होने में निहित है।"

शैक्षणिक आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कुल 208 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 171 छात्र स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में सफल रहे। इस समारोह में कॉलेज ट्रस्टी एम. गौतमचंद जैन और उप-प्राचार्य प्रोफेसर डी. दुराई कुमार भी उपस्थित थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वेल्लोर क्षेत्र में इंजीनियरिंग शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होते हुए, जैन इंजीनियरिंग कॉलेज ने पिछले दो दशकों में तकनीकी शिक्षा के मानकों को ऊंचा करने का प्रयास किया है।

क्या आप जानते हैं?: इंजीनियरिंग स्नातक होने के बाद, छात्रों को अब केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स और एथिक्स पर भी उतना ही ध्यान देना पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इस वर्ष कॉलेज का उत्तीर्ण प्रतिशत क्या रहा?
उत्तर: कॉलेज ने 82.32% का उत्तीर्ण प्रतिशत प्राप्त किया है।

प्रश्न 2: मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर: डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति सुधा शेषय्यन मुख्य अतिथि थीं।