दिल्ली विश्वविद्यालय ने अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज को रिक्त सीटों को भरने के लिए कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर ऑफलाइन प्रवेश की अनुमति दे दी है। यह निर्णय CUET काउंसलिंग के बाद खाली रह गई सीटों को भरने के लिए एक विशेष अपवाद के रूप में लिया गया है।
मुख्य बातें
- अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज में अब कक्षा 12वीं के मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा।
- यह निर्णय केवल रिक्त रह गई स्नातक (UG) सीटों को भरने के लिए एक बार के लिए लिया गया है।
- CUET ही दिल्ली विश्वविद्यालय की मुख्य प्रवेश प्रक्रिया बनी रहेगी।
- आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त निर्धारित की गई है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए अपने दो constituent कॉलेजों—अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज—को स्नातक पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों को भरने के लिए कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने की अनुमति दी है। यह कदम उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो CUET के माध्यम से प्रवेश पाने में चूक गए थे।
भगिनी निवेदिता कॉलेज द्वारा जारी एक सार्वजनिक सूचना के अनुसार, छात्र BCom, BA, BSc और अन्य स्नातक कार्यक्रमों के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से कक्षा 12वीं के मेरिट पर आधारित होगी। कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि CUET-आधारित काउंसलिंग के कई दौरों के बाद भी सीटें खाली रह जाने के कारण यह विशेष अनुमति मांगी गई थी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय उन ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है जो CUET की जटिलताओं या दूरी के कारण परीक्षा नहीं दे पाती हैं। अदिति महाविद्यालय (बावाना स्थित) ने बताया कि लगभग 40% सीटें खाली रह जाती हैं क्योंकि स्थानीय छात्राएं अक्सर CUET में शामिल नहीं हो पाती हैं। यह कदम शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक प्रयास माना जा सकता है, हालांकि यह केवल एक बार के लिए है।
यह निर्णय शैक्षणिक रिक्तता को भरने का एक व्यावहारिक समाधान है, लेकिन यह भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया की एकरूपता पर सवाल भी उठाता है।
हालांकि, इस निर्णय ने विवाद भी खड़ा कर दिया है। इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (INTEC) ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि केवल दो कॉलेजों को विशेष अनुमति देने के बजाय, विश्वविद्यालय को सभी कॉलेजों के लिए एक समान और पारदर्शी नीति लागू करनी चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों से, दिल्ली विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से Common Seat Allocation System (CSAS) और CUET के माध्यम से केंद्रीकृत किया है। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में निष्पक्षता लाना था, लेकिन कुछ कॉलेजों में भौगोलिक स्थिति और सीमित छात्र आधार के कारण नामांकन में कमी देखी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या यह प्रक्रिया सभी DU कॉलेजों के लिए लागू है?
नहीं, यह केवल अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज के लिए एक विशेष अपवाद है।
2. क्या भविष्य में भी बिना CUET के प्रवेश मिलेगा?
नहीं, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि CUET ही प्राथमिक प्रवेश मार्ग बना रहेगा।