केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को 10‑स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल, AI‑सुरक्षा और ब्लॉकचेन तकनीक के साथ NEET परीक्षा में भविष्य के पेपर लीक को रोकने के विस्तृत कदमों की जानकारी दी। यह कदम 2026 की लीक के बाद परीक्षा प्रणाली के व्यापक सुधार का हिस्सा है।

मुख्य बिंदु

  • 10‑स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू
  • AI और ब्लॉकचेन से परीक्षा सुरक्षा
  • नंदन नीलकणि‑नेतृत्व वाली हाई‑पावर टास्क फोर्स

सुप्रीम कोर्ट के एक बेंच के सामने केंद्र ने बताया कि 2026 में हुई NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने 10‑स्तरीय "फ़ोर्ट्रेस" मॉडल, एयर‑गैप्ड AI सिस्टम और ब्लॉकचेन‑आधारित ट्रैकिंग को अपनाया है ताकि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को अडिग किया जा सके।

नई सुरक्षा संरचना में प्रत्येक प्रश्न पत्र और OMR शीट को एक विशिष्ट सीरियल नंबर दिया जाएगा, जो व्यक्तिगत उम्मीदवार से जुड़ा होगा। कागज़ को छह परतों के टेम्पर‑इविडेंट पैकेजिंग में रखा जाएगा, जिसमें एक‑बार‑उपयोग लॉक वाले स्टील ट्रंक शामिल हैं, जिन्हें केवल काट कर ही खोला जा सकता है। यह बहु‑स्तरीय प्रक्रिया लीक की संभावनाओं को न्यूनतम करती है।

तकनीकी पहल के साथ-साथ कानूनी ढांचा भी कड़ा किया गया है। जुलाई 27 को स्थापित हाई‑पावर टास्क फोर्स, जिसका नेतृत्व इन्फोसिस के सह‑स्थापक नंदन नीलकणि कर रहे हैं, AI और ब्लॉकचेन के उपयोग पर सुझाव देगी। साथ ही 2026 का Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act कागज़ लीक, पहचान चोरी, कंप्यूटर छेड़छाड़ आदि के लिए 10 साल तक की जेल और अधिकतम ₹1 करोड़ जुर्माना निर्धारित करता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NEET‑UG 2026 में मई 3 को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए, जिससे परीक्षा रद्द कर 21 जून को पुनः आयोजित करनी पड़ी। इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट की निराशा बढ़ा दी, जिसने केंद्र, NTA और CBI को अधिक स्वतंत्र परीक्षा निकाय की मांग की थी। अब केंद्र ने आश्वासन दिया है कि नई संरचना भविष्य में ऐसी विफलताओं को रोकने के लिए बनी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that strengthening examination security not only restores public confidence but also sets a precedent for digital transformation across India’s education sector, influencing policy decisions in other high‑stakes exams.

"AI‑driven, blockchain‑secured examinations are the future of fair assessment," says Dr. Ananya Rao, senior education technologist.
Did You Know?: भारत ने 2022 में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर ब्लॉकचेन‑आधारित छात्र पहचान प्रणाली लागू की थी, जो अब NEET सुरक्षा में एक प्रमुख घटक बन गई है।

Frequently Asked Questions

  • प्रश्न: नई सुरक्षा प्रोटोकॉल कब लागू होगी? उत्तर: 2027 के शुरुआती सत्र से ही सभी NEET परीक्षाओं में यह लागू होगी।
  • प्रश्न: क्या छात्रों को नई तकनीक के कारण कोई अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा? उत्तर: नहीं, सभी डिजिटल सुरक्षा उपाय सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।