राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कर्नाटक (NIT-K), सुरथकल ने अपने 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर IIT धारवाड़ के साथ शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बातें

  • NIT-K ने अपने 67वें स्थापना दिवस पर IIT धारवाड़ के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए।
  • सहयोग के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, छात्र विनिमय और उद्योग-प्रायोजित विकास शामिल हैं।
  • संस्थान ने नए स्नातक पाठ्यक्रम और एक नए 'इनोवेशन कॉरिडोर' की घोषणा की।
  • स्थापना दिवस पर संस्थापक उल्लाल श्रीनिवास मल्लैया को श्रद्धांजलि दी गई।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कर्नाटक (NIT-K), सुरथकल ने गुरुवार को अपना 67वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक, उल्लाल श्रीनिवास मल्लैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। NIT-K के निदेशक प्रो. बी. रवि ने संस्थान का ध्वजारोहण किया, जिसमें 200 से अधिक संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों ने भाग लिया।

IIT धारवाड़ के साथ रणनीतिक साझेदारी

इस ऐतिहासिक दिन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब NIT-K ने IIT धारवाड़ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार करेगा। प्रो. रवि और IIT-Dharwad के निदेशक वेनकापैया आर. देसाई ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं और प्रकाशन।
  • संकाय और छात्र विनिमय कार्यक्रम।
  • उद्योग-प्रायोजित अनुसंधान, विकास और परामर्श।
  • संयुक्त कार्यशालाएं और सम्मेलन।

भविष्य की राह: AI और नवाचार

IIT-Dharwad के निदेशक प्रो. देसाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि संस्थानों को डरने के बजाय मानवीय अंतर्ज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को AI के साथ जोड़ना चाहिए। वहीं, NIT-K निदेशक प्रो. रवि ने संस्थान के भविष्य के विजन को साझा करते हुए एक नए 'इनोवेशन कॉरिडोर' की योजना की घोषणा की, जो कैंपस को समुद्र तट से राजमार्ग तक जोड़ेगा।

तकनीकी प्रगति और पारंपरिक ज्ञान का संगम ही भविष्य के इंजीनियरों को वास्तविक रूप से कुशल बनाएगा।
क्या आप जानते हैं?: NIT-K का नया स्नातक पाठ्यक्रम इस महीने से लागू होने जा रहा है, जो सिद्धांत और व्यवहार के बीच एक सटीक संतुलन बनाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. NIT-K और IIT धारवाड़ के बीच समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य अनुसंधान, छात्र विनिमय और संयुक्त शैक्षणिक परियोजनाओं के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

2. NIT-K ने कौन से नए विकासों की घोषणा की है?
संस्थान ने एक नए स्नातक पाठ्यक्रम और एक नए 'इनोवेशन कॉरिडोर' के निर्माण की घोषणा की है।