CBSE के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण लाखों छात्र परेशान हैं, जिससे उनके IIT और मेडिकल प्रवेश की राह में बाधा आ रही है। सर्वर फेलियर और आधार सत्यापन की समस्याओं ने छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।

मुख्य बातें

  • CBSE पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में सर्वर फेलियर और लॉगिन की गंभीर समस्याएँ।
  • IIT और NEET प्रवेश के महत्वपूर्ण समय पर तकनीकी खराबी ने बढ़ाई चिंता।
  • छात्रों को आधार सत्यापन और 'इनवैलिड क्रेडेंशियल' जैसी त्रुटियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • On-Screen Marking (OSM) प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं में भी खामियां पाई गईं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में आ रही निरंतर तकनीकी खराबी ने देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता के घेरे में डाल दिया है। बोर्ड द्वारा पहले दिए गए 'ग्लिच-फ्री' (त्रुटिहीन) प्रक्रिया के आश्वासन के बावजूद, छात्र अब भी पोर्टल तक पहुँचने और अपने आवेदन पूरे करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह संकट ऐसे समय में आया है जब छात्र IIT और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए निर्णायक दौर से गुजर रहे हैं।

तकनीकी खामियों का सिलसिला

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्रों ने कक्षा 12 की परीक्षा दी थी। नए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम के तहत, लगभग 4 लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त कीं। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान छात्रों ने सर्वर फेलियर, पोर्टल में खराबी और धुंधली या अधूरी स्कैन की गई प्रतियों जैसी समस्याओं की शिकायत की है। कई छात्रों का दावा है कि उनके उत्तरों को बिना जांचे ही 'चेक' दिखा दिया गया है।

छात्रों की मुश्किलें और आधार सत्यापन की समस्या

त्रिपुरा से एक छात्रा ने बताया कि वह भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की कोशिश कर रही है, लेकिन बार-बार 'इनवैलिड क्रेडेंशियल' का संदेश आ रहा है। वहीं, अन्य छात्रों ने Aadhaar verification में आ रही बाधाओं को मुख्य समस्या बताया है। कुछ छात्रों के अनुसार, पोर्टल बार-बार लॉग आउट हो रहा है और डेटा सेव नहीं कर रहा है, जिससे उन्हें बार-बार एक ही जानकारी भरनी पड़ रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह छात्रों के करियर की टाइमलाइन को बाधित कर रहा है। इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए JoSAA की काउंसलिंग प्रक्रिया पहले से ही जारी है, जहाँ कक्षा 12 के अंकों का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत अनिवार्य है। यदि पुनर्मूल्यांकन समय पर नहीं होता है, तो छात्रों के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की संभावना खतरे में पड़ सकती है।

तकनीकी विफलताएं केवल प्रशासनिक चूक नहीं हैं, बल्कि वे छात्रों के शैक्षणिक करियर के लिए एक गंभीर बाधा बन सकती हैं।
क्या आप जानते हैं?: CBSE ने इस साल उत्तर पुस्तिकाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली शुरू की थी, ताकि छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल रूप में देख सकें।

Frequently Asked Questions

1. क्या तकनीकी खराबी के कारण पुनर्मूल्यांकन की तारीख बढ़ाई जाएगी?
वर्तमान में बोर्ड की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन छात्र और संगठन इस पर मांग कर रहे हैं।

2. आधार सत्यापन के बिना क्या आवेदन किया जा सकता है?
CBSE के अनुसार, यदि छात्र के पास आधार नहीं है, तो वे माता-पिता या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं।