YSRCP नेता पी चंद्रशेखर रेड्डी ने DSC-2025 और APPSC ग्रुप-I भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस्तीफे की मांग करते हुए प्रश्नपत्र लीक और स्पोर्ट्स कोटा के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

  • YSRCP ने DSC-2025 और APPSC ग्रुप-I भर्ती में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए CBI हस्तक्षेप की मांग की है।
  • पार्षद पी चंद्रशेखर रेड्डी ने प्रश्नपत्र लीक, शिक्षक पदों की बिक्री और स्पोर्ट्स कोटा प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
  • YSRCP ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है।
  • कर्मचारी बकाया राशि में ₹23,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ तक की वृद्धि का मुद्दा भी उठाया गया है।

आंध्र प्रदेश की राजनीति में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। Yuvajana Sramika Rythu Congress Party (YSRCP) के कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष पी चंद्रशेखर रेड्डी ने रविवार को सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए DSC-2025 और APPSC ग्रुप-I भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि इन मामलों को सीबीआई (CBI) या किसी मौजूदा न्यायाधीश के समक्ष लाया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

रेड्डी ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं देखी गई हैं, जिनमें प्रश्नपत्रों का लीक होना, शिक्षक पदों की अवैध बिक्री, और स्पोर्ट्स कोटा (SQ) प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग शामिल है। उन्होंने सरकारी आदेश (GO) संख्या 4 और 47 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए हैं। रेड्डी का कहना है कि सबूत मिले हैं कि नियुक्तियों के लिए खेल संघों के माध्यम से प्रमाणपत्र जारी किए गए और मौद्रिक सौदे किए गए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह विवाद केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है जो राज्य के युवाओं और भविष्य के शिक्षकों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है। यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी पाई जाती है, तो यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गहरा संकट पैदा कर सकता है।

"यदि सरकार को विश्वास है कि DSC और APPSC दोनों प्रक्रियाएं स्वच्छ हैं, तो उसे सीबीआई जांच से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।"

YSRCP नेता ने यह भी तर्क दिया कि YSRCP शासन के दौरान APPSC ग्रुप-I परीक्षाएं सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन जैसे कड़े सुरक्षा उपायों के साथ आयोजित की गई थीं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार APPSC पर संदेह करती है, तो DSC-2025 की जांच भी उसी मानक के साथ क्यों नहीं की जा रही है?

इसके अलावा, शिक्षक संघ के नेताओं के निलंबन पर भी कड़ा विरोध जताया गया है। रेड्डी ने कहा कि दिल्ली जाकर TET छूट की मांग करना नेताओं से मिलना उनका लोकतांत्रिक अधिकार था। उन्होंने सरकार से इन निलंबनों को तुरंत वापस लेने और विधानसभा में इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाने की मांग की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं (DSC और APPSC) का मुद्दा अक्सर राजनीतिक खींचतान का केंद्र रहा है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेपर लीक और कोटा के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं, जिससे छात्र आंदोलनों को बल मिलता रहा है।

Did You Know?: आंध्र प्रदेश में DSC (District Selection Committee) शिक्षक भर्ती के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जाती है, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. YSRCP ने किन विशिष्ट अनियमितताओं का आरोप लगाया है?
YSRCP ने प्रश्नपत्र लीक, शिक्षक पदों की बिक्री, स्पोर्ट्स कोटा प्रमाणपत्रों में हेरफेर और भर्ती दस्तावेजों में बदलाव का आरोप लगाया है।

2. पी चंद्रशेखर रेड्डी ने सरकार से क्या मुख्य मांग की है?
उन्होंने DSC और APPSC दोनों मामलों की CBI जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है।