विजयवाड़ा में एसएफआई और डीवाईएफआई ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और एनटीए, नीट तथा नई शिक्षा नीति (NEP) को खत्म करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
- एसएफआई और डीवाईएफआई ने विजयवाड़ा के धरना चौक पर विरोध प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शनकारियों ने एनटीए, नीट और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 को समाप्त करने की मांग की।
- छात्र आंदोलनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग की गई।
- एसएफआई ने आरोप लगाया कि एनटीए की विफलताओं ने लाखों छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक संकट में डाल दिया है।
विजयवाड़ा के धरना चौक पर छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेताओं ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए कानूनी मामलों को वापस लेना और छात्र आंदोलनों में शामिल युवाओं के उत्पीड़न को रोकना था।
प्रदर्शन के दौरान, एसएफआई के राज्य सचिव प्रसन्ना कुमार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एनटीए की निरंतर विफलताओं ने देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है और उन्हें अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि एनटीए को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाना चाहिए।
शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
छात्रों का यह आंदोलन केवल एनटीए तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने NEET और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। एसएफआई नेताओं ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के बाद से लगभग 90,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं, जिससे छात्रों के बीच ड्रॉपआउट दर में भारी वृद्धि हुई है।
एनटीए जैसी संस्थाओं को परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उनकी विफलताएं छात्रों के जीवन को बर्बाद कर रही हैं।
इस आंदोलन को कानूनी समर्थन भी मिल रहा है। आंध्र प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य सुंकरा राजेंद्र प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करने वाले छात्रों का दमन बंद करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी मांगों को उठाने वाले छात्रों को 'देशद्रोही' का लेबल नहीं दिया जाना चाहिए और वकील इस छात्र आंदोलन का समर्थन करेंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त ये असंतोष केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर एक बड़ा संकट है। यदि एनटीए जैसी संस्थाओं की विफलताएं नहीं सुधरीं, तो यह देश की जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एसएफआई मुख्य रूप से क्या मांग कर रही है?
उत्तर: एसएफआई एनटीए को समाप्त करने, नीट और नई शिक्षा नीति (NEP) को हटाने और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रही है।
प्रश्न 2: प्रदर्शन का मुख्य केंद्र कहां था?
उत्तर: यह विरोध प्रदर्शन विजयवाड़ा के धरना चौक पर आयोजित किया गया था।