दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने तीन और कॉलेजों को CUET के बाद खाली बची सीटों को भरने के लिए कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश देने की अनुमति दी है। श्याम लाल, राजधानी और जाकिर हुसैन कॉलेज में अब छात्र मेरिट के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।

  • श्याम लाल, राजधानी और जाकिर हुसैन (ईवनिंग) कॉलेज में 12वीं के आधार पर दाखिला शुरू।
  • यह निर्णय CUET के माध्यम से खाली रह गई सीटों को भरने के लिए लिया गया है।
  • छात्रों को चुनिंदा स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर अवसर मिलेगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने स्नातक प्रवेश प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए तीन और कॉलेजों को कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति प्रदान की है। यह कदम उन सीटों को भरने के उद्देश्य से उठाया गया है जो CUET (Common University Entrance Test) के विभिन्न दौर के बाद भी खाली रह गई थीं।

प्रवेश प्रक्रिया के तहत श्याम लाल कॉलेज, राजधानी कॉलेज और जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग) ने अपने कुछ चुनिंदा स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इससे पहले, इसी महीने अदिति महाविद्यालय और भगीनी निवेदिता कॉलेज को भी इसी तरह की विशेष अनुमति दी गई थी।

कॉलेजों का विवरण और उपलब्ध पाठ्यक्रम

विभिन्न कॉलेजों ने अलग-अलग विषयों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है:

  • श्याम लाल कॉलेज: यहाँ BSc फिजिकल साइंस (केमिस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ) और BA (Hons) हिंदी के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है।
  • राजधानी कॉलेज: यह कॉलेज विज्ञान और मानविकी दोनों क्षेत्रों में अवसर दे रहा है, जिसमें BA (Hons) संस्कृत, BSc (Hons) भौतिकी और अन्य प्रोग्राम शामिल हैं। आवेदन 24 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे।
  • जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग): यह कॉलेज मुख्य रूप से भाषा आधारित पाठ्यक्रमों जैसे BA (Hons) फारसी, संस्कृत और उर्दू पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • श्याम लाल कॉलेज की मेरिट लिस्ट 23 अगस्त को आएगी।
  • राजधानी कॉलेज के लिए आवेदन 24 अगस्त शाम 5 बजे तक खुले हैं।
  • जाकिर हुसैन कॉलेज में आवेदन 23 अगस्त तक किए जा सकते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय DU के केंद्रीकृत प्रवेश तंत्र और ऑफ-कैंपस कॉलेजों की चुनौतियों के बीच एक जटिल संतुलन को दर्शाता है। जहाँ एक ओर यह छात्रों को एक और मौका देता है, वहीं दूसरी ओर यह CUET की प्रधानता पर सवाल भी खड़ा करता है। ऑफ-कैंपस कॉलेजों को अक्सर कैंपस कॉलेजों की तुलना में छात्रों को आकर्षित करने में अधिक संघर्ष करना पड़ता है, और यह 'मेरिट-आधारित' विकल्प उनकी रिक्त सीटों को भरने का एक तात्कालिक समाधान है।

CUET के बावजूद 12वीं के आधार पर प्रवेश देना DU की प्रवेश प्रणाली में एक अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

हालाँकि, इस कदम की आलोचना भी हो रही है। कुछ शिक्षकों का मानना है कि CUET चक्र के बीच में एक समानांतर प्रवेश मार्ग खोलना प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। यह मुद्दा विशेष रूप से तब गंभीर हो जाता है जब विश्वविद्यालय एक मानकीकृत प्रवेश परीक्षा पर जोर दे रहा हो।

Did You Know?: दिल्ली विश्वविद्यालय भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जो अपनी उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता और विविध छात्र आबादी के लिए जाना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या ये प्रवेश पूरी तरह से CUET के बिना हैं?
हाँ, ये विशेष रूप से उन सीटों के लिए हैं जो CUET के माध्यम से नहीं भरी जा सकीं, और यहाँ चयन 12वीं के अंकों के आधार पर होगा।

2. क्या सभी पाठ्यक्रमों के लिए 12वीं के अंक मान्य हैं?
नहीं, केवल उन्हीं चुनिंदा पाठ्यक्रमों के लिए यह अनुमति दी गई है जिनका विवरण कॉलेज द्वारा जारी किया गया है।