सैनिक स्कूल अमरवथीनगर में तमिलनाडु राज्यव्यापी मौखिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान के तहत 705 छात्रों के दांतों की जांच की गई। इस पहल में NCB, CBSE और IDA जैसे प्रमुख संगठनों ने सहयोग किया।

  • सैनिक स्कूल अमरवथीनगर में 705 छात्रों की मौखिक स्वास्थ्य जांच की गई।
  • अभियान में NCB, CBSE, IDA और कोलगेट-पामोलिव जैसे संस्थानों का सहयोग रहा।
  • कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को पेशेवर दंत चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया।

कोयंबटूर स्थित सैनिक स्कूल अमरवथीनगर ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के तहत तमिलनाडु राज्यव्यापी मौखिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान 2026 में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह व्यापक कार्यक्रम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस अभियान को कोलगेट-पामोलिव और विमी मैजिक जैसे कॉर्पोरेट सहयोगियों का भी समर्थन प्राप्त था।

19 अगस्त को आयोजित इस शिविर में स्कूल के कक्षा 6 से 12 तक के कुल 705 छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान 20 अनुभवी दंत चिकित्सकों की एक टीम ने प्रत्येक छात्र का गहन मौखिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच मौखिक स्वच्छता और निवारक दंत देखभाल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

छात्रों की भागीदारी का विवरण

जांच प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के छात्रों की संख्या इस प्रकार रही:

कक्षाछात्रों की संख्या
कक्षा 6115
कक्षा 788
कक्षा 8108
कक्षा 9114
कक्षा 1090
कक्षा 1181
कक्षा 12109

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के स्कूल-आधारित स्वास्थ्य अभियान न केवल बीमारियों का जल्दी पता लगाने में मदद करते हैं, बल्कि छात्रों में स्वस्थ जीवनशैली की नींव भी रखते हैं। यह अभियान अमर सैनिक स्कूल के बच्चों तक भी विस्तारित किया गया था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

किशोरावस्था के दौरान मौखिक स्वास्थ्य की अनदेखी करने से भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। स्कूल स्तर पर इस तरह की स्क्रीनिंग से बच्चों में स्वच्छता की आदतें विकसित होती हैं।

निवारक दंत देखभाल बच्चों के समग्र स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस कार्यक्रम का सफल समन्वय स्कूल मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्चना द्वारा किया गया, जिन्हें प्रभारी प्रधानाचार्या लेफ्टिनेंट कर्नल कौशोक नंदिनी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। स्कूल प्रशासन ने सभी सहयोगी संस्थाओं और चिकित्सा पेशेवरों के प्रयासों की सराहना की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समय-समय पर राज्यव्यापी अभियान चलाए जाते रहे हैं, ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों को विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह मिल सके।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि खराब मौखिक स्वच्छता का संबंध हृदय रोगों और अन्य प्रणालीगत स्वास्थ्य समस्याओं से हो सकता है?

Frequently Asked Questions

1. इस स्क्रीनिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य छात्रों को मौखिक स्वच्छता और निवारक दंत देखभाल के प्रति जागरूक करना था।

2. इस कार्यक्रम में किन संस्थाओं ने सहयोग किया?
NCB, CBSE, IDA, कोलगेट-पामोलिव और विमी मैजिक ने इस अभियान में सहयोग किया।