UPSC CSE 2027 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित एक विशेष प्रश्नोत्तरी। इसमें ISRO के GISAT-1A मिशन और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल किया गया है।

  • ISRO का GISAT-1A उपग्रह सितंबर में लॉन्च होने की तैयारी में है।
  • E. coli बैक्टीरिया पानी के दूषित होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • RK-251 एक नया 'स्मार्ट' कैंसर उपचार है जो केवल कैंसर कोशिकाओं में सक्रिय होता है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। UPSC Essentials की इस साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी (सप्ताह 176) में छात्रों को नवीनतम अंतरिक्ष मिशनों और जैव-प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलावों का परीक्षण करने का अवसर मिलता है।

ISRO का नया मिशन: GISAT-1A उपग्रह

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) सात महीने के अंतराल के बाद अपनी लॉन्च सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। सितंबर के पहले सप्ताह में GISAT-1A (जिसे नए नामकरण के तहत EOS-05 भी कहा जाता है) के प्रक्षेपण की योजना है। यह उपग्रह 2021 में लॉन्च किए गए GISAT-1 का प्रतिस्थापन है, जो रॉकेट के प्रोपल्शन सेगमेंट के विफल होने के कारण अपनी कक्षा तक नहीं पहुँच सका था।

GISAT-1A एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है जिसकी मिशन अवधि 10 वर्ष है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी करना और कृषि एवं वानिकी के डेटा को ट्रैक करना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में तकनीकी सुधार और मिशन की सफलता दर सीधे तौर पर देश की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को प्रभावित करती है। GISAT-1A जैसे मिशन डेटा-संचालित कृषि और सटीक आपदा चेतावनी प्रणाली के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होंगे।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता भारत को वैश्विक आपदा प्रबंधन मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य और सूक्ष्मजीव विज्ञान: E. coli का खतरा

हाल ही में CAG की एक रिपोर्ट में भारतीय रेलवे के कई स्टेशनों पर पीने के पानी में E. coli बैक्टीरिया की उपस्थिति पाई गई है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मानव और पशुओं की आंतों में पाया जाता है, लेकिन सीवेज लीकेज के माध्यम से यह पेयजल को दूषित कर देता है।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि E. coli के कारण होने वाली बीमारियाँ (जैसे दस्त और यूटीआई) बच्चों को अधिक प्रभावित करती हैं, न कि केवल बुजुर्गों को। हालांकि यह एक गंभीर खतरा है, लेकिन एंटीबायोटिक्स के माध्यम से इसका उपचार संभव है, बशर्ते दवा प्रतिरोध (drug resistance) का ध्यान रखा जाए।

विशेषताGISAT-1A उपग्रहE. coli बैक्टीरिया
श्रेणीअंतरिक्ष प्रौद्योगिकीसूक्ष्मजीव विज्ञान
मुख्य उपयोग/प्रभावपृथ्वी अवलोकन और आपदा प्रबंधनमानव आंत का हिस्सा / जल जनित रोग
महत्वमिशन लाइफ 10 वर्षसार्वजनिक स्वच्छता का संकेतक
Did You Know?: कैंसर के इलाज के लिए विकसित किया गया 'RK-251' एक स्मार्ट ड्रग है जो केवल कैंसर कोशिकाओं के भीतर मौजूद 'रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज' (ROS) के संपर्क में आने पर ही सक्रिय होता है।

Frequently Asked Questions

1. GISAT-1A का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी और कृषि एवं वानिकी डेटा का संग्रहण करना है।

2. क्या E. coli का इलाज संभव है?
हाँ, सही एंटीबायोटिक्स के उपयोग से इसका उपचार किया जा सकता है।