इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने आईआईटी कानपुर को कुल 400 करोड़ रुपये का दान किया, जिससे कैंसर अनुसंधान और 500-बेड सुपर‑स्पेशालिटी अस्पताल का निर्माण संभव होगा।

  • राकेश गंगवाल ने अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये दान किए
  • गंगवाल स्कूल में 500‑बेड अस्पताल और 200‑बेड कैंसर सेंटर बनेगा
  • अन्य दानदाताओं के योगदान पर मिलेंगे 300 करोड़ रुपये मैचिंग ग्रांट

दानी की पृष्ठभूमि और दान का विवरण

इंडिगो के सह‑संस्थापक एवं IIT कानपुर के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दान करके अपने कुल योगदान को 400 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। यह राशि गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी के विकास को तेज करने के लिये प्रदान की गई है।

स्कूल की विकास योजना

आईआईटी कानपुर के योजना दस्तावेज़ के अनुसार, गंगवाल स्कूल में 500‑बेड सुपर‑स्पेशालिटी अस्पताल और 200‑बेड कैंसर केयर रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाएंगे। ये सुविधाएँ मेडिकल शिक्षा, क्लिनिकल रिसर्च और स्वास्थ्य सेवा वितरण को एकीकृत करने के लिये डिज़ाइन की गई हैं।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

आईआईटी कानपुर ने 1959 में अपनी स्थापना के बाद से वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाई है। 2022 में गंगवाल ने पहले 100 करोड़ रुपये का दान किया था, जिससे इस मेडिकल स्कूल की रूपरेखा तैयार हुई। अब अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये से इस परियोजना को शीघ्रता से कार्यान्वित किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय के प्रमुख का बयान

आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल ने कहा, “राकेश जी के निरंतर समर्थन के कारण हमारी मेडिकल स्कूल की योजना वास्तविकता बन रही है। उनका पहला 100‑करोड़ का योगदान हमें दिशा दिखाने में सहायक रहा और नया 300‑करोड़ का योगदान इस सपने को जल्दी पूरा करेगा।”

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस प्रकार का निजी‑सार्वजनिक सहयोग भारत में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य‑प्रौद्योगिकी के विकास को तेज़ करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।

"ऐसे बड़े दान से न केवल बुनियादी ढांचा सुधरता है, बल्कि अनुसंधान एवं नवाचार के लिए फंडिंग का नया मॉडल स्थापित होता है," कहा प्रोफेसर अजय सिंह, स्वास्थ्य अर्थशास्त्र विशेषज्ञ।
Did You Know?: आईआईटी कानपुर पहले 2020 में भारत का पहला इंजीनियरिंग‑मेडिकल संयुक्त डिग्री प्रोग्राम शुरू कर चुका है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या अस्पताल सार्वजनिक उपयोग के लिये खुलेगा?
उत्तर: हाँ, अस्पताल में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शैक्षणिक क्लिनिकल प्रशिक्षण भी होगा।

प्रश्न 2: मैचिंग ग्रांट का प्रावधान कब लागू होगा?
उत्तर: स्कूल को अतिरिक्त दान मिलने पर तुरंत 300 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट सक्रिय की जाएगी।