कोलकाता के भवानिपुर में एक सरकारी स्कूल में 6‑साल के प्रथम कक्षा के छात्र को टिफ़िन ब्रेक के दौरान सांप ने काटा। बच्चा एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, स्थिति स्थिर है, जबकि सांप अभी तक नहीं मिला।
- 6 साल के बच्चे को टिफ़िन ब्रेक में सांप ने काटा
- बच्चा एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती, स्थिति स्थिर
- सांप अभी तक नहीं मिला, खोज जारी
कोलकाता के भवानिपुर इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल में सोमवार सुबह लगभग 8:30 बजे एक प्रथम कक्षा के छात्र को टिफ़िन ब्रेक के दौरान सांप ने काटा। बच्चे को तुरंत एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को स्थिर बताया।
स्कूल के प्रबंधन के अनुसार, प्राथमिक कक्षा की पढ़ाई दूसरी और तीसरी मंजिल पर होती है, जबकि टिफ़िन ब्रेक के समय बच्चे पहली मंजिल पर खेलते हैं। माना जा रहा है कि उसी समय सांप ने बच्चे के दाहिने हाथ को काटा।
स्कूल के प्रिंसिपल सोमा दास ने मीडिया को बताया कि दोपहर तक सांप की पहचान नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि पहली मंजिल पर एक बंद कक्ष को जांचा जाएगा और बाकी सभी क्षेत्रों की फिर से गहरी तलाशी ली जाएगी।
अस्पताल के एक स्रोत ने कहा, “बच्चे को बाल रोग विभाग में रखा गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि सांप विषैला था या नहीं। रक्त का नमूना परीक्षण के लिये भेजा गया है; परिणाम आने पर विषाक्तता की पुष्टि होगी।”
स्कूल के एक अभिभावक ने कहा, “यह बहुत डरावना है। हम अपने बच्चों को शिक्षकों की निगरानी में भेजते हैं, फिर भी ऐसा हादसा हो गया। सांप कैसे स्कूल में प्रवेश कर गया?”
एक अन्य अभिभावक ने हवामान का हवाला देते हुए कहा, “बारिश के कारण सांप बाहर आ रहे हैं, लेकिन स्कूल को सफाई रखनी चाहिए ताकि छिपने की जगह न बनें।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that recurring snake‑bite incidents in urban schools highlight gaps in infrastructure safety and emergency preparedness, urging authorities to revise building designs and pest‑control protocols.
“शहरी स्कूलों में नियमित रूप से कीड़े‑कीट निरीक्षण अनिवार्य होना चाहिए, नहीं तो ऐसी घटनाएँ दोहराई जा सकती हैं,” कहते हैं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या स्कूल ने पहले कभी सांप के काटने की रिपोर्ट की है?
Q2: बच्चे के उपचार में एंटीवेनम का उपयोग किया गया है या नहीं?