NITI Aayog के हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि BA, B.Sc और B.Com जैसे सामान्य डिग्री वाले स्नातकों में रोजगार की कमी है। 90% से अधिक स्नातक अपनी योग्यता से असंबंधित पदों पर काम कर रहे हैं, जिससे शिक्षा‑रोजगार अंतर बढ़ रहा है।

  • स्नातक बेरोजगारी 13% तक पहुंची, महिला स्नातकों में 20.4%।
  • BA, B.Sc, B.Com जैसे सामान्य डिग्री में नौकरी लिंक बहुत कमजोर।
  • विशेषीकृत, स्किल‑आधारित पाठ्यक्रमों की त्वरित जरूरत।

रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष

NITI Aayog ने "Reimagining Skilling for Viksit Bharat" शीर्षक से जारी रिपोर्ट में बताया कि केवल 8.25% स्नातक अपनी पढ़ाई से संबंधित पदों पर कार्यरत हैं। आर्थिक सर्वे 2024‑25 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि कुल स्नातक बेरोज़गारी 13% है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 3.2% है।

सामान्य डिग्री की कमज़ोर नौकरी कनेक्शन

लगभग 3.4 करोड़ छात्रों में से 1.13 करोड़ केवल BA में नामांकित हैं, और BA, B.Sc, B.Com के कुल एंट्री 2 करोड़ से अधिक हैं। इन डिग्री को अक्सर सीधे नौकरी में नहीं बदला जा पाता, जिससे युवा वर्ग की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में शिक्षा‑रोजगार अंतर का मुद्दा नया नहीं है। 1980 के दशक से ही स्नातकों की नौकरी सृजन दर में गिरावट देखी गई है। अज़िम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की "State of Working India" रिपोर्ट ने बताया कि 25‑29 आयु वर्ग के स्नातकों की बेरोज़गारी 12% से बढ़कर 2023 में 20% हो गई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that without a swift shift toward sector‑specific curricula—जैसे ग्रीन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक वाहन और एप्रींटिसशिप—भारत की युवा शक्ति का आर्थिक योगदान घटता रहेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।

डॉ. अनिल कुमार, श्रम अर्थशास्त्री: "स्किल‑इंटेग्रेशन ही वह कमी है जिसे भरना आवश्यक है, नहीं तो स्नातक वर्ग रोजगार‑संकट में फँसा रहेगा।"

स्किलिंग की सामाजिक धारणा

रिपोर्ट में बताया गया कि व्यावसायिक प्रशिक्षण को सामाजिक तौर पर द्वितीय श्रेणी का माना जाता है। कई परिवार अभी भी अंक‑आधारित करियर चयन को प्राथमिकता देते हैं, जिससे ITI और डिप्लोमा को कमतर देखा जाता है।

वेतन अंतर और स्किलिंग का प्रभाव

Boston Consulting Group के सर्वेक्षण के अनुसार, बिना स्किलिंग वाले सामान्य स्नातकों की औसत प्रारंभिक वेतन ₹22,000 है, जबकि स्किलिंग करने वाले स्नातकों की वेतन ₹29,000 तक पहुँचती है। दस साल में यह अंतर ₹9.7 लाख तक बढ़ सकता है।

Did You Know?: भारत में केवल 8% स्नातक ही अपनी पढ़ाई से संबंधित नौकरी पाते हैं, जबकि बाकी 92% को अतिरिक्त स्किलिंग की जरूरत होती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सामान्य डिग्री वाले छात्र विशेषीकृत पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, कई विश्वविद्यालय अब इंटेग्रेटेड स्किलिंग मॉड्यूल पेश कर रहे हैं, जिससे छात्र अपने मूल डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल भी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 2: सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए कौन‑सी पहल की है?
उत्तर: सरकार ने स्किलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश, एप्रींटिसशिप प्रोग्राम का विस्तार, और वैकल्पिक शिक्षा मार्गों के लिए जागरूकता अभियान शुरू किए हैं।