मशहूर शेफ और 'ग्रेट ब्रिटिश बेक ऑफ' जज डेम प्रू लीथ ने स्कूली भोजन में सुधारों की सराहना की है और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लंचबॉक्स पर प्रतिबंध लगाने का क्रांतिकारी सुझाव दिया है।

  • डेम प्रू लीथ ने स्कूली भोजन में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।
  • उन्होंने बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य स्कूल भोजन का समर्थन किया।
  • स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण उन्होंने लंचबॉक्स पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है।
  • नए सरकारी मानक मोटापे और दांतों की सड़न से लड़ने पर केंद्रित हैं।

प्रसिद्ध शेफ और 'ग्रेट ब्रिटिश बेक ऑफ' की पूर्व जज, डेम प्रू लीथ ने स्कूली भोजन के क्षेत्र में आ रहे बदलावों को एक 'क्रांति' करार दिया है। 86 वर्षीय लीथ ने न केवल मौजूदा सुधारों का समर्थन किया, बल्कि एक साहसी सुझाव भी दिया है: स्कूलों में बच्चों के लंचबॉक्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।

लीथ का मानना है कि यदि बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन दिया जाता है, तो यह न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा, बल्कि उनके लिए आनंद का एक अवसर भी बनेगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भोजन के प्रति अरुचि का एक बड़ा कारण यह है कि बच्चों को सही विकल्प नहीं दिए जा रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से जुड़ा है। इंग्लैंड में लगभग एक-तिहाई बच्चे प्राथमिक विद्यालय छोड़ते समय अधिक वजन या मोटापे का शिकार होते हैं। लंचबॉक्स पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव सीधे तौर पर उन अनियंत्रित खाद्य पदार्थों (जैसे चॉकलेट और जंक फूड) को लक्षित करता है जिन्हें माता-पिता अक्सर बच्चों को खुश करने के लिए पैक कर देते हैं।

"लंचबॉक्स पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है क्योंकि आप यह नियंत्रित नहीं कर सकते कि माता-पिता उनमें क्या डाल रहे हैं।" - डेम प्रू लीथ

यह सुधार ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड में सितंबर से यूनिवर्सल क्रेडिट प्राप्त करने वाले परिवारों के सभी बच्चों को मुफ्त स्कूल भोजन के लिए पात्र माना जाएगा। इसके साथ ही, 2014 के बाद पहली बार स्कूल भोजन के मानकों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य फाइबर युक्त आहार, फल और साबुत अनाज को बढ़ावा देना है।

लीथ ने 'शेफ्स इन स्कूल्स' (Chefs in Schools) जैसी संस्थाओं के काम की भी सराहना की, जो स्कूलों को बेहतर भोजन प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल नियम बनाना काफी नहीं है; स्कूलों को इन मानकों तक पहुँचने के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता भी मिलनी चाहिए।

हालांकि, चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। 'बाइट बैक' (Bite Back) नामक संस्था द्वारा किए गए एक विश्लेषण में पाया गया कि लगभग 400 सरकारी माध्यमिक स्कूलों के मेनू में वर्तमान मानकों का उल्लंघन हो रहा था, जिसमें बर्गर और नगेट्स जैसे खाद्य पदार्थों का अत्यधिक उपयोग शामिल है।

Did You Know?: दांतों की सड़न 5 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने का सबसे प्रमुख कारण है।

Frequently Asked Questions

1. प्रू लीथ लंचबॉक्स को प्रतिबंधित क्यों करना चाहती हैं?
उनका मानना है कि माता-पिता अक्सर बच्चों को खुश करने के लिए लंचबॉक्स में जंक फूड या चॉकलेट डाल देते हैं, जिसे स्कूल स्तर पर नियंत्रित करना असंभव है।

2. नए स्कूल भोजन मानक क्या लक्षित कर रहे हैं?
नए मानक बचपन के मोटापे और दांतों की सड़न को कम करने के लिए फाइबर, फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाने पर केंद्रित हैं।