पद्म भूषण टी. रामासामी ने मदुरै के महात्मा स्कूलों में आयोजित शिक्षा मेले में छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा अपनाने और वैश्विक मंचों पर नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। इस मेले में 20 से अधिक देशों के प्रतिष्ठित संस्थानों ने हिस्सा लिया।

  • पद्म भूषण टी. रामासामी ने छात्रों को पारंपरिक करियर सीमाओं से बाहर निकलने का आह्वान किया।
  • महात्मा स्कूलों द्वारा आयोजित इस मेले में यूके, यूएसए और यूएई सहित 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • छात्रों को छात्रवृत्ति, प्रवेश मूल्यांकन और विदेशी मुद्रा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

मदुरै के महात्मा स्कूलों में शनिवार को आयोजित एक भव्य शिक्षा मेले के दौरान, पूर्व केंद्रीय सचिव और पद्म भूषण प्राप्त टी. रामासामी ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक जिज्ञासा को अपनाने और पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर सोचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज के युग में छात्रों को केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने के लिए तैयार होना चाहिए।

यह शिक्षा मेला, जिसे BroadMind Study Abroad के साथ रणनीतिक साझेदारी में आयोजित किया गया था, छात्रों के लिए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में उभरा। इस आयोजन में यूके, यूएसए और यूएई सहित 20 से अधिक देशों के शीर्ष विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। छात्रों को सीधे विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बातचीत करने और विभिन्न विषयों में स्नातक मार्गों को समझने का अनूठा अवसर मिला।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के शैक्षिक आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों के लिए वैश्विक ज्ञान के द्वार खोलते हैं। यह न केवल करियर के विकल्पों का विस्तार करता है, बल्कि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने में भी मदद करता है।

मेले के दौरान छात्रों को केवल शैक्षणिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक सहायता भी प्रदान की गई। इसमें ऑन-द-स्पॉट प्रवेश मूल्यांकन, मुफ्त IELTS मॉक टेस्ट, छात्रवृत्ति और विशेष वाउचर लाभ शामिल थे। इसके अतिरिक्त, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक ने विदेशी मुद्रा, यात्रा रसद और वैश्विक छात्र आवास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

छात्रों को केवल डिग्री के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार होना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ प्रधानाचार्या प्रेमलता पन्नेरसेल्वम ने की। प्रधानाचार्या लता ने स्कूल के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि लगातार दूसरे वर्ष इस मेले का आयोजन करना महात्मा स्कूलों के उस विश्वास को दर्शाता है कि प्रत्येक छात्र को सफलता के लिए स्पष्ट और असीमित मार्ग मिलना चाहिए।

एक विशेष सत्र में, मदुरै नगर निगम स्कूलों के उन कक्षा XII छात्रों के साथ संवाद किया गया, जिन्होंने जर्मन भाषा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब जर्मनी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर कौशल विकास कैसे वैश्विक अवसरों से जुड़ सकता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस शिक्षा मेले का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों, छात्रवृत्ति और विदेश में पढ़ाई के विभिन्न मार्गों से सीधे जोड़ना था।

प्रश्न 2: क्या इस मेले में वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी गई थी?
उत्तर: हाँ, बैंकों ने विदेशी मुद्रा और यात्रा संबंधी रसद के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की थी।

Did You Know?: जर्मनी में शिक्षा के कई अवसर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बहुत कम लागत या मुफ्त होते हैं, बशर्ते वे भाषा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करें।