एक मजदूर के बेटे रामथुल्ला शेख ने गरीबी को मात देकर GATE में शानदार रैंक हासिल की, लेकिन उन्होंने 15 लाख के पैकेज को ठुकराकर रिसर्च का रास्ता चुना।
- रामथुल्ला शेख ने दिहाड़ी मजदूर के रूप में मात्र 300 रुपये प्रतिदिन कमाकर संघर्ष किया।
- उन्होंने GATE 2024 में AIR 809 हासिल किया और IISc बेंगलुरु से MTech किया।
- 15 लाख रुपये सालाना के जॉब ऑफर को ठुकराकर उन्होंने पीएचडी (PhD) करने का फैसला किया।
- वर्तमान में वह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
संघर्ष और सफलता की कहानियाँ अक्सर हमें प्रेरित करती हैं, लेकिन रामथुल्ला शेख की कहानी साधारण प्रेरणा से कहीं ऊपर है। आंध्र प्रदेश के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामथुल्ला ने अपनी मेहनत से न केवल गरीबी की बेड़ियों को तोड़ा, बल्कि शिक्षा के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। कभी महज 300 रुपये की दिहाड़ी पर काम करने वाले रामथुल्ला ने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प के सामने परिस्थितियाँ बौनी साबित होती हैं।
कठिन संघर्ष और GATE की सफलता
रामथुल्ला की यात्रा आसान नहीं थी। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा आंध्र प्रदेश के जिला परिषद हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक पूरा किया। 2022 में एक सिस्टम इंजीनियर के रूप में काम शुरू करने के बाद, उन्होंने अपनी नौकरी के साथ ही दुनिया की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में से एक, GATE 2024 की तैयारी शुरू की। उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम यह हुआ कि उन्होंने 809वीं अखिल भारतीय रैंक (AIR) हासिल की।
15 लाख का ऑफर और एक साहसी निर्णय
GATE में शानदार प्रदर्शन के बाद, उन्हें भारत के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु में प्रवेश मिला। वहां से MTech पूरा करने के बाद, उनके पास 15 लाख रुपये वार्षिक वेतन का एक शानदार जॉब ऑफर था। अधिकांश लोग इस अवसर को तुरंत स्वीकार कर लेते, लेकिन रामथुल्ला के सपने इससे कहीं बड़े थे। उन्होंने इस नौकरी को ठुकरा दिया ताकि वे शोध (Research) के क्षेत्र में गहराई से उतर सकें।
शिक्षा केवल एक आजीविका का साधन नहीं, बल्कि दुनिया को बदलने का एक माध्यम है।
क्यों लिया यह बड़ा जोखिम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रामथुल्ला का निर्णय अल्पकालिक वित्तीय लाभ के बजाय दीर्घकालिक अकादमिक उत्कृष्टता पर केंद्रित था। IISc में उन्होंने न केवल पढ़ाई की, बल्कि टीचिंग असिस्टेंट के रूप में भी काम किया और प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी संभाली। उनके इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि उनकी असली रुचि अनुसंधान में है।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की राह
आज, रामथुल्ला शेख दुनिया के शीर्ष संस्थानों में से एक, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) में पीएचडी कर रहे हैं। उनका यह सफर उन लाखों छात्रों के लिए एक मिसाल है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों का गला घोंट देते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: रामथुल्ला शेख ने 15 लाख का जॉब ऑफर क्यों ठुकराया?
उत्तर: उन्होंने शोध (Research) और उच्च शिक्षा के प्रति अपने जुनून के कारण इस ऑफर को ठुकराया ताकि वे पीएचडी कर सकें।
प्रश्न 2: रामथुल्ला वर्तमान में कहाँ हैं?
उत्तर: वह वर्तमान में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) में पीएचडी कर रहे हैं।