नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए FMGE परीक्षा की आवृत्ति बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब 31 अक्टूबर 2026 को एक अतिरिक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि जनवरी 2027 की परीक्षा को टाल दिया गया है।

  • NBEMS अब साल में तीन बार FMGE परीक्षा आयोजित करेगा।
  • 31 अक्टूबर 2026 को एक विशेष अतिरिक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी।
  • 9 जनवरी 2027 को होने वाली परीक्षा अब जनवरी या फरवरी 2027 में टल गई है।
  • यह निर्णय जून 2026 के परिणामों के बाद छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है।

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (FMGE) के शेड्यूलिंग में बड़े बदलाव किए हैं। बोर्ड ने पुष्टि की है कि अब FMGE परीक्षा साल में दो बार के बजाय तीन बार आयोजित की जाएगी। इस नए संशोधित कार्यक्रम के तहत, 31 अक्टूबर 2026 को एक अतिरिक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी।

यह परीक्षा देश भर के विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित माध्यम से संचालित की जाएगी। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक विस्तृत कार्यक्रम या आवेदन की तारीखों की घोषणा नहीं की है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अधिक जानकारी और आधिकारिक सूचना बुलेटिन के लिए NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर नजर रखें।

परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव

इस नए बदलाव का असर भविष्य की परीक्षाओं पर भी पड़ेगा। जो परीक्षा पहले 9 जनवरी, 2027 को निर्धारित थी, उसे अब स्थगित कर दिया गया है। यह परीक्षा अब जनवरी के अंत या फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी। NBEMS के अनुसार, संशोधित तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी। इस कदम से योग्य विदेशी मेडिकल स्नातकों को अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

छात्रों के बढ़ते दबाव और परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता की मांग के बीच NBEMS का यह निर्णय एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय सीधे तौर पर उन हजारों छात्रों से जुड़ा है जो विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। FMGE वह स्क्रीनिंग परीक्षा है जिसे पास करना भारत में चिकित्सा अभ्यास करने के लिए अनिवार्य है। जून 2026 के सत्र में उत्तीर्ण होने वालों की दर मात्र 12.38 प्रतिशत रही थी, जिससे छात्रों के बीच भारी असंतोष था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विरोध प्रदर्शन

जून 2026 के FMGE परिणामों के बाद, दिल्ली के गौतम नगर में विदेशी मेडिकल स्नातकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों ने कम पासिंग रेट और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के खिलाफ भूख हड़ताल भी की थी। जून सत्र में 37,448 उम्मीदवारों में से केवल 4,640 छात्र ही सफल हो सके थे। बोर्ड ने मानकों को बनाए रखने का तर्क दिया है, लेकिन अतिरिक्त परीक्षा का निर्णय छात्रों की मांगों के प्रति एक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

Did You Know?: FMGE परीक्षा पास करने के बाद ही छात्र भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या 31 अक्टूबर की परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
उत्तर: हाँ, उम्मीदवारों को NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले सूचना बुलेटिन के अनुसार आवेदन करना होगा।

प्रश्न 2: क्या जनवरी 2027 की परीक्षा रद्द कर दी गई है?
उत्तर: नहीं, परीक्षा रद्द नहीं हुई है, केवल स्थगित की गई है और यह जनवरी या फरवरी 2027 में होगी।