भरतदासन विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग और NSSTA ने मिलकर राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्रों को भारतीय सांख्यिकीय सेवा (ISS) में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
- भरतदासन विश्वविद्यालय और NSSTA द्वारा संयुक्त आयोजन।
- भारतीय सांख्यिकीय सेवा (ISS) में करियर के अवसरों पर चर्चा।
- MoSPI के मुफ्त सरकारी डेटा पोर्टल्स की जानकारी साझा की गई।
तिरुचि में भरतदासन विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग और भारत सरकार के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA) ने मिलकर एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की कार्यप्रणाली के बारे में जागरूकता फैलाना था।
इस आयोजन में शैक्षणिक जगत की व्यापक भागीदारी देखी गई। लगभग 75 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया, जिनमें भरतदासन विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, शोध विद्वान और छात्र शामिल थे। इसके अलावा, ई.वी.आर. कॉलेज, सेंट जोसेफ कॉलेज, नेशनल कॉलेज (तिरुचि), सरकारी कला कॉलेज (करूर) और राजा सेरफोजी सरकारी कॉलेज (तंजावुर) के छात्रों ने भी इस सत्र में भाग लिया।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों के बीच इस तरह का समन्वय डेटा-संचालित शासन (Data-driven Governance) की दिशा में एक बड़ा कदम है। जब युवा सांख्यिकीविद् सीधे सरकारी ढांचे से जुड़ते हैं, तो देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में सटीकता और दक्षता बढ़ती है।
MoSPI के अतिरिक्त महानिदेशक (ISS) आर. राजेश ने अपने संबोधन में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भारतीय सांख्यिकीय सेवा (ISS), अधीनस्थ सांख्यिकीय सेवा और राज्य सांख्यिकीय सेवाओं में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांख्यिकी केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास का आधार है।
"सरकारी डेटा पोर्टल्स का सही उपयोग शोध की गुणवत्ता को बदल सकता है और नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी बना सकता है।"
कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को MoSPI के विभिन्न सांख्यिकीय पोर्टल्स और ऑनलाइन संसाधनों से परिचित कराया गया। आर. राजेश ने विस्तार से बताया कि कैसे आधिकारिक सरकारी डेटासेट को इन पोर्टल्स के माध्यम से मुफ्त में एक्सेस और डाउनलोड किया जा सकता है, जो शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए एक अमूल्य संसाधन है।
भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली का विकास स्वतंत्रता के बाद से ही निरंतर हुआ है। MoSPI का गठन देश के आर्थिक और सामाजिक संकेतकों को सटीक रूप से मापने के लिए किया गया था। एनएसएसटीए (NSSTA) जैसे प्रशिक्षण संस्थान यह सुनिश्चित करते हैं कि सांख्यिकीय अधिकारियों को आधुनिक डेटा विश्लेषण तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाए ताकि वैश्विक मानकों के अनुरूप डेटा उपलब्ध हो सके।
प्रश्न 1: MoSPI क्या है?
उत्तर: यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है, जो भारत में आधिकारिक सांख्यिकीय डेटा के संग्रह और विश्लेषण के लिए जिम्मेदार है।
प्रश्न 2: इस कार्यक्रम में किन कॉलेजों ने भाग लिया?
उत्तर: इसमें भरतदासन यूनिवर्सिटी के अलावा सेंट जोसेफ कॉलेज, नेशनल कॉलेज, ई.वी.आर. कॉलेज और तंजावुर के राजा सेरफोजी सरकारी कॉलेज शामिल थे।