जयपुर के सीतापुरा में NEET-PG 2026 परीक्षा के दौरान बिजली और सर्वर की गंभीर समस्याओं के कारण भारी अव्यवस्था फैल गई। छात्रों ने बार-बार परीक्षा बाधित होने पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद NBEMS ने 5 सितंबर को पुन: परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।
- जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर बिजली और सर्वर की तकनीकी खराबी आई।
- छात्रों का आरोप है कि परीक्षा दो घंटे के भीतर 10 बार बाधित हुई।
- NBEMS ने प्रभावित केंद्रों के लिए 5 सितंबर को पुन: परीक्षा की घोषणा की है।
- छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया है।
जयपुर, राजस्थान: रविवार को NEET-PG 2026 की महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर भारी अराजकता देखने को मिली। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के दौरान बार-बार बिजली गुल होने और सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण परीक्षार्थियों को अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
छात्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर बिजली की आपूर्ति हर 10 से 15 मिनट में बाधित हो रही थी। इस तकनीकी विफलता के कारण छात्रों को लॉगिन करने, प्रश्नों को देखने और उत्तर देने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्रित होकर न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परीक्षा का भयावह अनुभव
परीक्षा में शामिल हुए डॉ. गौरव नामक एक अभ्यर्थी ने इस स्थिति का वर्णन करते हुए कहा, “दो घंटों के भीतर परीक्षा 10 बार शुरू हुई और 10 बार बंद हुई। कोई भी अधिकारी यह बताने के लिए मौजूद नहीं था कि ऐसा क्यों हो रहा है।”
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सर्वर की खराबी के कारण कुछ छात्रों के कंप्यूटर खुल रहे थे जबकि अन्य के नहीं। जयपुर पुलिस के ACP ललित शर्मा ने पुष्टि की कि तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की तकनीकी विफलताएं न केवल छात्रों के मनोबल को तोड़ती हैं, बल्कि देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान लगाती हैं। एक भी अंक छात्र की विशेषज्ञता (speciality) और कॉलेज का भविष्य तय करता है, ऐसे में ऐसी लापरवाही अक्षम्य है।
तकनीकी खामियों के कारण चिकित्सा भविष्य दांव पर लगा है, जो परीक्षा प्रणाली की बुनियादी तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छात्रों ने केवल तकनीकी समस्याओं ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव की भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि परीक्षा हॉल में पर्याप्त एयर-कंडीशनिंग, पंखे या कूलर नहीं थे और पीने के पानी की व्यवस्था भी बेहद खराब थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NEET-PG भारत में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी और सर्वर डाउन होने की घटनाओं ने बार-बार राष्ट्रीय स्तर पर विवाद पैदा किया है, जिससे परीक्षा नियामक निकायों को अपनी बुनियादी संरचना में सुधार करने का दबाव झेलना पड़ा है।
Frequently Asked Questions
1. प्रभावित छात्रों के लिए पुन: परीक्षा कब होगी?
NBEMS ने घोषणा की है कि प्रभावित केंद्रों के लिए पुन: परीक्षा 5 सितंबर को आयोजित की जाएगी।
2. किन केंद्रों पर समस्या आई थी?
समस्या iON डिजिटल ज़ोन iDZ, सीतापुरा के केंद्र संख्या 41,682 और 41,683 पर आई थी।