एनआईटी तिरुचिपरमलाई (NIT-T) ने डॉ. राम और थैला रामानुजम फाउंडेशन के सहयोग से एक विशेष एआई सीड ग्रांट कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से क्रांतिकारी समाधान विकसित करना है।

  • डॉ. राम और थैला रामानुजम फाउंडेशन ने NIT-T के संकायों के लिए एआई सीड ग्रांट कार्यक्रम शुरू किया।
  • वर्ष 2026 के लिए ₹10 लाख का प्रारंभिक सीड फंड आवंटित किया गया है।
  • रसायन विज्ञान, कंप्यूटर अनुप्रयोग, भौतिकी और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागों के चार प्रोफेसरों का चयन किया गया है।
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतर-विषयक अनुसंधान (Interdisciplinary Research) को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), तिरुचिपरमलाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान के पूर्व छात्र राम रामानुजम (1974 बैच) द्वारा स्थापित डॉ. राम और थैला रामानुजम फाउंडेशन ने संकाय सदस्यों के लिए एक समर्पित 'एआई सीड ग्रांट प्रोग्राम' की शुरुआत की है।

इस पहल के तहत, फाउंडेशन ने 2026 के दौरान अभिनव एआई अनुप्रयोगों के अनुसंधान के लिए ₹10 लाख की सीड फंडिंग का वादा किया है। यह अनुदान विशेष रूप से उन परियोजनाओं के लिए है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित (STEM) और वास्तुकला के क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करती हैं। इसका मुख्य लक्ष्य ऐसे एआई-संचालित समाधान विकसित करना है जिनका समाज और उद्योग पर व्यापक प्रभाव पड़े।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के निजी फाउंडेशन द्वारा निवेश न केवल वित्तीय बोझ को कम करता है, बल्कि शोधकर्ताओं को बिना किसी नौकरशाही बाधा के 'बोल्ड' प्रयोग करने की आजादी देता है। यह कदम NIT-T को वैश्विक एआई नवाचार मानचित्र पर एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करेगा।

प्रस्तावों के पहले आह्वान पर विभिन्न विभागों से 20 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। एक कठोर और एआई-सहायता प्राप्त मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर अनुप्रयोग, भौतिकी और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागों के चार संकाय सदस्यों को इस अनुदान के लिए चुना गया।

"कृत्रिम बुद्धिमत्ता अभूतपूर्व गति से विज्ञान और इंजीनियरिंग के हर क्षेत्र को बदल रही है; ये अनुदान भविष्य की तकनीकों के लिए उत्प्रेरक का काम करेंगे।"

एनआईटी-टी की निदेशक जी. अघिला ने इस अवसर पर कहा कि लचीली सीड फंडिंग के माध्यम से संकायों को सशक्त बनाने से संस्थान की शोध क्षमता मजबूत होगी। वहीं, डॉ. राम रामानुजम ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल बाहरी फंडिंग को आकर्षित करने और समाज के लिए उपयोगी तकनीकों के निर्माण में सहायक होगी।

फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम को वार्षिक बनाने की योजना बनाई है, जिससे हर साल नए शोधकर्ताओं को अवसर मिलेंगे और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

क्या आप जानते हैं?: सीड फंडिंग का उपयोग अक्सर किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' विकसित करने के लिए किया जाता है, ताकि बाद में बड़े सरकारी या कॉर्पोरेट फंड प्राप्त किए जा सकें।

Frequently Asked Questions

1. इस सीड ग्रांट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य STEM और वास्तुकला के क्षेत्रों में एआई-आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना और समाज के लिए उपयोगी समाधान खोजना है।

2. किन विभागों के प्रोफेसरों का चयन किया गया है?
प्रारंभिक चरण में रसायन विज्ञान, कंप्यूटर अनुप्रयोग, भौतिकी और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागों के चार सदस्यों को चुना गया है।