कोयंबटूर में एसएसवीएम ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया कॉन्क्लेव के पांचवें संस्करण की शुरुआत एक चुनौतीपूर्ण बाधा दौड़ (obstacle course) के साथ हुई। इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य छात्रों में मानसिक मजबूती और भविष्य के लिए तत्परता विकसित करना है।

  • एसएसवीएम ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया कॉन्क्लेव के पांचवें संस्करण की शुरुआत 'Flex Your Future' थीम के साथ हुई।
  • 1,800 से अधिक छात्र इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
  • अभिनव बिंद्रा, ऋतुराज गायकवाड़ और गगनयात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर जैसे दिग्गज छात्रों को प्रेरित करेंगे।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। सोमवार को एसएसवीएम वर्ल्ड स्कूल द्वारा आयोजित 'एसएसवीएम ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया कॉन्क्लेव' के पांचवें संस्करण का भव्य शुभारंभ किया गया। इस वर्ष के कॉन्क्लेव की थीम 'Flex Your Future' रखी गई है, जो युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहने का संदेश देती है।

कार्यक्रम की शुरुआत एक रोमांचक बाधा दौड़ (obstacle course) से हुई, जिसमें न केवल छात्रों ने बल्कि संस्थान के नेतृत्व दल ने भी हिस्सा लिया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना था कि असली ताकत केवल शारीरिक क्षमता में नहीं, बल्कि हार न मानने के जज्बे में निहित है। एसएसवीएम संस्थानों की संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी मणिमेकलै मोहन ने इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that shifting the focus from purely academic excellence to 'mental resilience' is a critical pivot in modern Indian education. By integrating physical struggle with mental fortitude, SSVM is addressing the growing need for emotional intelligence and grit in an increasingly competitive global landscape.

डॉ. मणिमेकलै मोहन ने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के लिए अपनी सीमाओं से आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसिक फिटनेस उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि शारीरिक फिटनेस। जब बच्चे आज चुनौतियों का सामना करना सीखते हैं, तो वे भविष्य में जीवन की बड़ी मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार होते हैं।

"भविष्य के लिए तैयार होने का अर्थ केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं है, बल्कि स्वयं को जानना और कठिन समय में अडिग रहने का साहस रखना है।" - श्रीषा मोहनदोस, निदेशक, एसएसवीएम संस्थान।

यह तीन दिवसीय कॉन्क्लेव 1 और 2 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान 1,800 से अधिक छात्र विभिन्न क्षेत्रों की महान हस्तियों के साथ संवाद करेंगे। इसमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा, भारतीय क्रिकेटर ऋतुराज गायकवाड़, गगनयात्री और वायु सेना अधिकारी एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना रुक्मिणी विजयकुमार शामिल होंगे।

क्या आप जानते हैं?: बाधा दौड़ (Obstacle Course) का उपयोग मूल रूप से सैन्य प्रशिक्षण में मानसिक अनुशासन और शारीरिक सहनशक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता था, जिसे अब आधुनिक शिक्षा में 'लर्निंग बाय डूइंग' के रूप में अपनाया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एसएसवीएम ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ बातचीत के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना है।

प्रश्न 2: इस आयोजन में कौन-कौन सी प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं?
उत्तर: इसमें अभिनव बिंद्रा, ऋतुराज गायकवाड़, एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और रुक्मिणी विजयकुमार जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हो रहे हैं।