IISER पुणे में छात्र पिछले सात दिनों से डीन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। संस्थान के निदेशक ने कहा है कि वे छात्रों की अधिकांश मांगों को पूरा करने के लिए तंत्र विकसित कर रहे हैं।
- IISER पुणे के छात्र एक छात्र की मृत्यु और छात्र परिषद के महासचिव के निलंबन के विरोध में सात दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
- संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलर और मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया है।
- छात्रों को 17-31 अगस्त के बीच की उपस्थिति (attendance) में छूट दी जाएगी।
- छात्रों की सुरक्षा और संस्थान के नियमों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास जारी है।
पुणे: भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे में चल रहा छात्र विरोध प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। संस्थान के प्रशासन ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वे छात्रों द्वारा प्रस्तुत की गई अधिकांश मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक तंत्र (mechanisms) तैयार कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 अगस्त से शुरू हुआ था, जब से छात्र डीन कार्यालय के बाहर गलियारे में डेरा डाले हुए हैं।
इस आंदोलन की जड़ें एक छात्र की कैंपस में हुई दुखद मृत्यु और छात्र परिषद के महासचिव, राज बागवे के शैक्षणिक निलंबन से जुड़ी हैं। हालांकि प्रशासन ने बागवे के निलंबन को एक अलग मामले में 'दुराचार' बताया है, लेकिन छात्रों का आरोप है कि यह उनके द्वारा कैंपस में छात्रों की कथित 'स्ट्रिप सर्च' के खिलाफ आवाज उठाने के बाद की गई कार्रवाई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक छात्र के निलंबन का नहीं, बल्कि संस्थान के भीतर मानसिक स्वास्थ्य ढांचे और छात्र सुरक्षा की कमी का एक बड़ा प्रतीक बन गया है। कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी और छात्रों की आवाज़ दबाने के आरोपों ने संस्थान की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संस्थान की प्रतिक्रिया छात्रों के बीच बढ़ते अविश्वास और कैंपस में सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुनील भागवत ने स्पष्ट किया कि वे छात्रों की सुरक्षा, विविध छात्र समुदाय के हितों और संस्थान के अधिकार क्षेत्र के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यदि विरोध शांतिपूर्ण और कानूनी बना रहता है, तो छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
छात्रों की प्रमुख मांगें बनाम प्रशासन का रुख
| छात्रों की मांग | प्रशासन का आश्वासन/स्थिति |
|---|---|
| 6 स्थायी काउंसलर और 3 मनोचिकित्सक | 2 पूर्णकालिक काउंसलर और 2 अतिरिक्त की नियुक्ति का निर्णय |
| उपस्थिति (Attendance) में छूट | 17-31 अगस्त तक की अवधि के लिए छूट प्रदान की जाएगी |
| राज बागवे का निलंबन रद्द करना | निदेशक के पास अपीलिंग अथॉरिटी के निर्णय को बदलने का अधिकार नहीं है |
| हॉस्टल के बीच आवाजाही की स्वतंत्रता | PhD छात्रों की आवाजाही पर विचार किया जा रहा है |
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने मांगों की सूची भौतिक और ईमेल दोनों माध्यमों से जमा कर दी है, लेकिन वे अभी भी पूर्ण और औपचारिक स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और छात्रों के लिए 'थर्ड स्पेस' (जैसे लेक्चर हॉल और सेमिनार रूम) उपलब्ध कराने पर भी चर्चा चल रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. छात्र विरोध क्यों कर रहे हैं?
छात्र एक साथी की मृत्यु और छात्र परिषद महासचिव के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
2. क्या प्रशासन ने कोई राहत दी है?
हाँ, प्रशासन ने उपस्थिति में छूट और नए काउंसलर्स की नियुक्ति का आश्वासन दिया है।