क्राफ्टशाला स्कूल ऑफ बिजनेस ने 14 महीनों में 94% प्लेसमेंट दर के साथ 1,037 छात्रों को नौकरी दिलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान AI-आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से मार्केटिंग शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।
- 14 महीनों में 1,037 मार्केटिंग प्लेसमेंट, 94% की शानदार सफलता दर।
- अनुभवी उम्मीदवारों के लिए अधिकतम CTC 16 लाख रुपये और फ्रेशर्स के लिए 10.4 लाख रुपये।
- जुलाई-अगस्त 2026 की अवधि में प्लेसमेंट में साल-दर-साल 147% की भारी वृद्धि।
- मेट्रो शहरों के बाहर से 2/3 शिक्षार्थियों का चयन, शिक्षा का लोकतंत्रीकरण।
क्राफ्टशाला स्कूल ऑफ बिजनेस (KSB) ने खुद को भारत के सबसे प्रभावशाली मार्केटिंग स्किलिंग संस्थानों में से एक के रूप में स्थापित कर लिया है। हाल ही में जारी मार्केटिंग लॉन्चपैड प्लेसमेंट रिपोर्ट 2026 के अनुसार, संस्थान ने 14 महीने की अवधि में 1,037 प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरे किए, जिसमें 94% की प्लेसमेंट दर रही। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उद्योग अब पारंपरिक डिग्री के बजाय कौशल-आधारित प्रतिभा को अधिक महत्व दे रहा है।
वित्तीय परिणामों की बात करें तो, औसत CTC 5.3 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। हालांकि, अनुभवी पेशेवरों के लिए यह आंकड़ा 16 लाख रुपये प्रति वर्ष तक गया, जबकि फ्रेशर्स के लिए उच्चतम पैकेज 10.4 लाख रुपये रहा। यह अंतर स्पष्ट करता है कि बाजार में अनुभव और विशिष्ट डिजिटल प्रशिक्षण के संगम की कितनी अधिक मांग है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पारंपरिक बी-स्कूल मॉडल को अब 'स्किल-फर्स्ट' संस्थान चुनौती दे रहे हैं। क्राफ्टशाला के AI-आधारित पाठ्यक्रम ने भर्ती की गति में साल-दर-साल 74% की वृद्धि की है। डिजिटल मार्केटिंग के मूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत करके, KSB यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसके स्नातक केवल मार्केटर न हों, बल्कि AI-सक्षम ग्रोथ हैकर्स हों जो कंपनियों के लिए तत्काल परिणाम दे सकें।
प्लेसमेंट के वितरण से पता चलता है कि तकनीकी मार्केटिंग भूमिकाओं की मांग सबसे अधिक है। परफॉर्मेंस मार्केटिंग का हिस्सा 31% रहा, उसके बाद डिजिटल मार्केटिंग (28%) और ई-कॉमर्स भूमिकाएं (12%) रहीं। शेष 29% प्लेसमेंट SEO, ब्रांड मार्केटिंग और प्रोग्रामेटिक विज्ञापन जैसे क्षेत्रों में हुए।
"शिक्षा का मूल्य इस बात में निहित है कि क्या वह लोगों को पहले दिन से अपने कार्यस्थल पर मूल्य जोड़ने के लिए तैयार करती है।" - वरुण सतिया, संस्थापक और सीईओ, क्राफ्टशाला स्कूल ऑफ बिजनेस।
इस विकास का सबसे सकारात्मक पहलू भौगोलिक विविधता है। प्लेसमेंट पाने वाले लगभग 66% शिक्षार्थी भारत के शीर्ष छह मेट्रो शहरों के बाहर से आते हैं। यह साबित करता है कि ऑनलाइन और प्रैक्टिशनर-आधारित मॉडल टियर-2 और टियर-3 शहरों की प्रतिभाओं के लिए उच्च-स्तरीय करियर के द्वार खोल रहा है।
क्राफ्टशाला का रिक्रूटर नेटवर्क काफी मजबूत है, जिसमें दुनिया की पांच सबसे बड़ी विज्ञापन कंपनियों—पब्लिसिस ग्रुप, डेंटसु, ओम्नीकॉम, डब्ल्यूपीपी मीडिया और हावास मीडिया नेटवर्क—शामिल हैं। इसके अलावा लेंसकार्ट, ओयो और मामाअर्थ जैसे तेजी से बढ़ते ब्रांड्स भी यहां से नियमित रूप से भर्ती कर रहे हैं।
| मापदंड | फ्रेशर्स | अनुभवी उम्मीदवार |
|---|---|---|
| उच्चतम CTC | 10.4 लाख रुपये | 16 लाख रुपये |
| औसत CTC | 5.2 - 5.3 लाख रुपये | 5.3 लाख रुपये (औसत) |
| प्लेसमेंट दर | ~94% कुल | ~94% कुल |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मार्केटिंग लॉन्चपैड प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं, AI-आधारित शिक्षण और व्यावहारिक निष्पादन के माध्यम से पहले दिन से नौकरी के लिए तैयार करना है।
प्रश्न 2: क्राफ्टशाला में किन मार्केटिंग भूमिकाओं में सबसे अधिक प्लेसमेंट होते हैं?
परफॉर्मेंस मार्केटिंग सबसे प्रमुख भूमिका है, जो कुल प्लेसमेंट का 31% हिस्सा है, इसके बाद 28% के साथ डिजिटल मार्केटिंग का स्थान है।