एक नई रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 26% सरकारी स्कूल के शिक्षक नियमित रूप से AI का उपयोग कर रहे हैं और 72% शिक्षक शिक्षा में इसके उपयोग को लेकर सकारात्मक हैं। यह अध्ययन शिक्षकों की तकनीकी तैयारी और चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।

  • लगभग 26% सरकारी स्कूल शिक्षक नियमित रूप से AI का उपयोग कर रहे हैं।
  • 72% शिक्षकों ने शिक्षा में AI के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया है।
  • 86% शिक्षकों का मानना है कि AI उनकी कार्यक्षमता बढ़ाता है, लेकिन छात्रों की निर्भरता का खतरा भी है।
  • उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड और महाराष्ट्र में AI अपनाने की दर सबसे अधिक है।

हाल ही में 'Head Held High Foundation' की पहल JanAI द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 26% शिक्षक नियमित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहे हैं। यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि बुनियादी ढांचे की कमी के बावजूद, शिक्षक तकनीक को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 72% शिक्षकों का AI के प्रति नजरिया काफी सकारात्मक है। शिक्षक मुख्य रूप से कठिन अवधारणाओं को सरल बनाने, नए उदाहरण और गतिविधियां तैयार करने, और वर्कशीट्स व मूल्यांकन तैयार करने के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश शिक्षक अपने व्यक्तिगत स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, भले ही उनके स्कूलों में कंप्यूटर लैब की सुविधा न हो।

तकनीकी प्रगति और चुनौतियां

जहाँ एक ओर AI शिक्षकों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह कुछ चिंताएं भी पैदा कर रहा है। BozokMedia analysis shows कि लगभग 86% शिक्षकों का मानना है कि AI उन्हें अधिक प्रभावी बनाता है, लेकिन साथ ही यह छात्रों में तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता भी बढ़ा सकता है। हालांकि, शिक्षकों ने अपने पेशे के लिए AI को खतरे के रूप में नहीं देखा है।

शिक्षक तकनीक के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे सिस्टम की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो उन्हें जिम्मेदारी से इसका उपयोग करना सिखा सके।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में कक्षा IX से XII के लिए AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पाठ्यक्रम पेश किया जाना है। सर्वेक्षण में पाया गया कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के शिक्षक तकनीक के प्रति सबसे अधिक सक्रिय हैं।

भविष्य की राह: ग्रामीण शिक्षक चैंपियन

JanAI ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में AI के प्रसार के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। संस्था का लक्ष्य अगले 12-18 महीनों में 50,000 ग्रामीण AI शिक्षक चैंपियनों का एक समुदाय बनाना है। ये शिक्षक स्थानीय स्तर पर 'AI चेंज एजेंट' के रूप में कार्य करेंगे और अपने साथियों को इस तकनीक के सही उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे।

Did You Know?: कई सरकारी स्कूल शिक्षक बिना कंप्यूटर लैब के भी केवल अपने स्मार्टफोन के माध्यम से AI टूल्स का उपयोग करके शिक्षण सामग्री तैयार कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या शिक्षक AI को अपने रोजगार के लिए खतरा मानते हैं?
नहीं, अधिकांश शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि वे AI को अपने पेशे के लिए खतरा नहीं मानते हैं।

प्रश्न 2: रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक AI का उपयोग मुख्य रूप से किस लिए कर रहे हैं?
शिक्षक इसका उपयोग कठिन विषयों को समझाने, गतिविधियां बनाने और टेस्ट पेपर तैयार करने के लिए कर रहे हैं।