सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटोग्राफी पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटोग्राफी पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
  • याचिका में कहा गया था कि ये प्रतिबंध नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
  • कोर्ट ने अनुच्छेद 32 के तहत सुनवाई से इनकार कर दिया।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार और लाइव स्ट्रीमिंग पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि ये प्रतिबंध नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन कोर्ट ने अनुच्छेद 32 के तहत सुनवाई से इनकार कर दिया।

स्कूलों में नो वीडियोग्राफी: सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ता को झटका

संजय शर्मा

नई द‍िल्ली ,

03 सितंबर 2026,

(अपडेटेड 03 सितंबर 2026, 2:07 PM IST)

उत्तर प्रदेश और राजस्थान राज्यों में शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों, पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों के प्रवेश और स्कूलों में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइवस्ट्रीमिंग पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है.

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the Supreme Court's decision will have significant implications for the 'स्कूल ठीक करो' campaign and the role of external influencers in monitoring school conditions.

The Supreme Court's decision highlights the need for a balance between transparency and the right to privacy in educational institutions.

Frequently Asked Questions

  • What was the petition about?
  • What are the implications of the Supreme Court's decision?
Did You Know?: The 'स्कूल ठीक करो' campaign was initiated by अभिजीत दिपके to highlight the conditions of government schools across India.