इटली में आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीते हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विजेता छात्रों को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि की सराहना की।

  • भारत ने कुल 9 पदक जीते: 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य।
  • 19वां अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO) इटली में आयोजित किया गया था।
  • चयन प्रक्रिया में 17,800 छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा दी थी।
  • विजेता छात्रों को वडोदरा में तीन सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया गया था।

नई दिल्ली: भारत के युवा वैज्ञानिकों ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को 19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO) 2026 के विजेताओं को सम्मानित किया। इटली में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर के 39 देशों के छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिसमें भारतीय टीम ने अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए।

भारतीय टीम की यह उपलब्धि किसी चमत्कार से कम नहीं है। छात्रों ने विभिन्न श्रेणियों में 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। इस सफलता के पीछे एक अत्यंत कठोर और व्यवस्थित चयन प्रक्रिया रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस ओलंपियाड के लिए छात्रों का चयन एक व्यापक राष्ट्रीय पाइपलाइन के माध्यम से किया गया था।

चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के आउटरीच कार्यक्रम के तहत, देश भर के 500 केंद्रों पर आयोजित एक अखिल भारतीय परीक्षा में लगभग 17,800 छात्रों ने भाग लिया था। इस कठिन परीक्षा के बाद, शीर्ष 25 मेधावी छात्रों को चुना गया। इन छात्रों को गुजरात के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (M S University), वडोदरा में जून 2026 में तीन सप्ताह के गहन प्रशिक्षण शिविर में भेजा गया था। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण केंद्रों को देश के विभिन्न क्षेत्रों में घुमाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को अवसर मिल सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का विज्ञान और गणित के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में लगातार बढ़ता दबदबा यह संकेत देता है कि देश की बुनियादी वैज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान क्षमता में सुधार हो रहा है। यह केवल पदक जीतने की बात नहीं है, बल्कि यह भारत के 'वैज्ञानिक स्वभाव' (Scientific Temperament) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सरकार का लक्ष्य छात्र-केंद्रित आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना और उनमें वैज्ञानिक सोच का आधार तैयार करना है।

गौरतलब है कि यह सफलता भारत के लिए कोई पहली बड़ी जीत नहीं है। इसी वर्ष, भारतीय छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) में 5 स्वर्ण पदक, अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड (IChO) में 4 स्वर्ण पदक और अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड (IMO) में 2 स्वर्ण और 4 रजत पदक जीतकर विज्ञान के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है।

Did You Know?: भारत के कई ओलंपियाड विजेता JEE Advanced जैसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी शीर्ष रैंक हासिल करते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: IESO 2026 कहाँ आयोजित किया गया था?
उत्तर: 19वां अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड इटली में आयोजित किया गया था।

प्रश्न 2: भारतीय टीम ने कुल कितने पदक जीते?
उत्तर: भारतीय टीम ने कुल 9 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं।