कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने छात्रों को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने और उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने 'स्टडी अब्रॉड एक्सपो 2026' के दौरान शिक्षा और स्वरोजगार के महत्व पर जोर दिया।
- मुख्यमंत्री ने छात्रों को 'रोजगार प्रदाता' (Employer) बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
- स्टडी अब्रॉड एक्सपो में 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों ने हिस्सा लिया।
- विदेशी शिक्षा के लिए बैंकों द्वारा 2 करोड़ रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध है।
- सरकार का लक्ष्य छात्रों को निजी धोखाधड़ी से बचाकर सही मार्गदर्शन देना है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित 'स्टडी अब्रॉड एक्सपो 2026' के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान पीढ़ी के छात्रों का लक्ष्य केवल नौकरी पाने वाला कर्मचारी बनना नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला नियोक्ता (Employer) बनना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के पास देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में एक समृद्ध प्रतिभा पूल है। उन्होंने छात्रों से इस एक्सपो का लाभ उठाने और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने महात्मा गांधी, बी.आर. अंबेडकर और राजा राम मोहन रॉय जैसे महान नेताओं का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने देश का नेतृत्व किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह पहल कर्नाटक के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कौशल विकास और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करके, राज्य न केवल मानव पूंजी का निर्माण कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी भी मजबूत कर रहा है।
छात्रों को वैश्विक शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता की मानसिकता विकसित करनी चाहिए ताकि वे भविष्य के आर्थिक इंजन बन सकें।
इस एक्सपो में 80 से अधिक विश्वविद्यालयों ने भाग लिया, जो 300 से अधिक विषयों में अध्ययन के अवसर प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न सरकारी विभाग विशेष छात्रवृत्ति प्रदान कर रहे हैं और बैंक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹2 करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराने में सहायता कर रहे हैं।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एक सुरक्षित और विश्वसनीय मंच पर जोड़ना है। उन्होंने निजी संस्थाओं द्वारा छात्रों के साथ की जाने वाली धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया और बताया कि सरकार ने यह कार्यक्रम छात्रों के हितों की रक्षा के लिए शुरू किया है।
बेंगलुरु की विविधता को राज्य की ताकत बताते हुए, उन्होंने कहा कि भारत के 140 अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में से 38 बेंगलुरु में स्थित हैं, जो इस शहर को वैश्विक शिक्षा का केंद्र बनाते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: स्टडी अब्रॉड एक्सपो का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य छात्रों को बिना किसी धोखाधड़ी के सीधे अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से जोड़ना और उन्हें शिक्षा के विकल्पों के बारे में जागरूक करना है।
प्रश्न 2: विदेशी शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता कैसे प्राप्त करें?
उत्तर: छात्र सरकारी छात्रवृत्तियों का लाभ उठा सकते हैं और बैंकों से ₹2 करोड़ तक के शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।