राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा। इन शिक्षकों ने 'लिटिल रिपोर्टर्स' और 'QR-कोडेड पेड़ों' जैसे अनूठे नवाचारों से शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए।
- पुरस्कार विजेताओं में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास विभागों के शिक्षक शामिल हैं।
- नवाचारों में QR-कोड आधारित वृक्ष मैपिंग और 'लिटिल रिपोर्टर्स' जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया गया है जिन्होंने अपनी रचनात्मकता और समर्पण से शिक्षा के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। पुरस्कार विजेताओं में 48 स्कूल शिक्षा विभाग से, 21 उच्च शिक्षा संस्थानों से और 13 कौशल विकास मंत्रालय से शामिल हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा संविधान में निहित 'अवसर की समानता' के आदर्श को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षकों को छात्रों में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिकता और संवेदनशीलता भी विकसित करनी चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नवाचार?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ा रहे हैं, बल्कि वे छात्रों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार कर रहे हैं। 'लिटिल रिपोर्टर्स' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण छात्र अब अधिकारियों का साक्षात्कार लेने और शैक्षिक रील बनाने जैसे कौशल सीख रहे हैं, जो उन्हें सशक्त बनाता है।
"हमारे शिक्षक शिक्षा प्रणाली में प्राण फूंकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि हमारे देश का एक भी छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों से वंचित न रहे।" - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
प्रमुख नवाचारी और उनके कार्य
पुरस्कार विजेताओं की सूची में कई प्रेरक नाम शामिल हैं। मध्य प्रदेश की डॉ. अर्चना शुक्ला को पारिस्थितिक प्रबंधन और 102 प्रजातियों के पेड़ों की QR-कोड आधारित मैपिंग के लिए सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ की सुनीता यादव ने 'घर-घर पुस्तक वाचन' और 'लिटिल रिपोर्टर्स' पहल के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा में क्रांति ला दी है। वहीं, राजस्थान के दिव्येंदु सेन ने वर्चुअल बायोलॉजी लैब और AI-सक्षम शिक्षा के माध्यम से STEM शिक्षा को सुलभ बनाया है।
| शिक्षक का नाम | राज्य | प्रमुख नवाचार |
|---|---|---|
| डॉ. अर्चना शुक्ला | मध्य प्रदेश | QR-कोड वृक्ष मैपिंग, गौरैया घर |
| सुनीता यादव | छत्तीसगढ़ | लिटिल रिपोर्टर्स, घर-घर पुस्तक वाचन |
| दिव्येंदु सेन | राजस्थान | वर्चुअल बायोलॉजी लैब, AI शिक्षा |
| डॉ. रेनू त्रिपाठी | उत्तर प्रदेश | तकनीकी आधारित समावेशी शिक्षा |
राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि भारत को 'विश्व की कौशल राजधानी' और 'ज्ञान महाशक्ति' बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और अन्य राज्य मंत्री भी उपस्थित थे।
Frequently Asked Questions
1. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार किसे दिए जाते हैं?
यह पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षण, नवाचार और समाज में शिक्षा के प्रसार में असाधारण योगदान दिया है।
2. इस वर्ष कितने शिक्षकों को सम्मानित किया गया?
इस वर्ष कुल 82 शिक्षकों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।