AIDSO की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी के.एस. ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए धन की कमी के कारण पिछले दस वर्षों में 94,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं। उन्होंने शिक्षा के व्यावसायीकरण और गिरते बुनियादी ढांचे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
- पिछले 10 वर्षों में देश भर में 94,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए गए।
- कर्नाटक में KPS मैगनेट योजना के तहत 40,000 स्कूलों को बंद करने का प्रयास किया गया था।
- शिक्षा के लिए अपर्याप्त बजट और बुनियादी ढांचे की बदहाली गंभीर चिंता का विषय है।
- शिक्षित बेरोजगारी और नौकरियों की कमी एक बड़ा संकट बनकर उभरी है।
धारवाड़: छात्र कार्यकर्ता और AIDSO की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी के.एस. ने रविवार को धारवाड़ में आयोजित एक छात्र शिविर के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए धन की कमी के कारण पिछले एक दशक में देश भर में 94,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं।
अश्विनी ने कर्नाटक सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य सरकार KPS मैगनेट योजना के तहत लगभग 40,000 सरकारी स्कूलों को बंद करने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने बताया कि AIDSO के कड़े विरोध के कारण सरकार को इस कदम को वापस लेना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण स्कूल गरीब परिवारों के लिए शिक्षा का एकमात्र सहारा हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्कूलों का यह बंद होना केवल बुनियादी ढांचे का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक असमानता को गहरा करने वाला कदम है। जब सरकारी स्कूल बंद होते हैं, तो शिक्षा का बोझ निजी संस्थानों पर चला जाता है, जिससे गरीब तबका शिक्षा के अधिकार से वंचित हो जाता है।
शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने का जो सपना फुले दंपत्ति ने देखा था, आज की सरकारें उसके विपरीत काम कर रही हैं।
उन्होंने स्कूलों की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने उल्लेख किया कि कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्कूल की छत गिरने से आठ छात्र घायल हो गए, और कलबुरागी, रायचूर और कोडागु जैसे जिलों से भी ऐसी दुखद रिपोर्टें आई हैं। सरकार द्वारा छात्रों को जूते और मोजे जैसी बुनियादी सुविधाएं देने में भी विफलता देखी गई है।
शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के संकट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 1.4 करोड़ छात्र स्नातक होते हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं। सरकारी क्षेत्र में केवल 8 लाख और निजी क्षेत्र में लगभग 10 लाख नौकरियां ही सृजित हो रही हैं।
Frequently Asked Questions
1. AIDSO का मुख्य विरोध किस बात पर है?
AIDSO मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों के बंद होने, शिक्षा के व्यावसायीकरण और सार्वजनिक शिक्षा के लिए कम बजट के खिलाफ लड़ रहा है।
2. KPS मैगनेट योजना क्या है?
यह कर्नाटक सरकार की एक योजना है जिसके माध्यम से स्कूलों के पुनर्गठन या बंद करने की प्रक्रिया की चर्चा की गई थी, जिसका छात्र संगठनों ने विरोध किया।